Lucknow Desk : वंदे मातरम् के गायन को लेकर देश में चल रही राजनीतिक बहस के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को लेकर इस समय जिस तरह की राजनीति हो रही है, वह ठीक नहीं है। मायावती ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लगातार तीन पोस्ट कर अपनी बात रखी। मायावती ने कहा कि वंदे मातरम् पूरा गाया जाए, इसके शुरुआती दो छंद गाए जाएं या इसे नहीं गाया जाए, इसको लेकर राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का इस मामले में स्पष्ट मत है और संसद में हाल ही में इससे संबंधित कानून पारित होना भी कोई पहली घटना नहीं है।
बसपा प्रमुख ने अपने दूसरे पोस्ट में कहा कि केंद्र और राज्यों में सत्ता बदलने के बाद राजनीतिक दल अक्सर अपने राजनीतिक हितों के अनुसार पहले से बने कानूनों में बदलाव करते हैं। उनके मुताबिक कई बार ऐसा जनता का ध्यान सरकारों की कमियों और दूसरे जरूरी मुद्दों से हटाने के लिए भी किया जाता है। मायावती ने कहा कि मौजूदा समय में देश के सामने कई गंभीर समस्याएं हैं, जिन पर सरकारों और राजनीतिक दलों को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर बेरोजगार युवाओं और छात्रों की समस्याओं का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने जेन-जी और स्कूली बच्चों यानी जेन-अल्फा से जुड़े मुद्दों को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने देश के कुछ हिस्सों में आई गंभीर बाढ़ का भी जिक्र किया।
मायावती के अनुसार बाढ़ के कारण कई जगहों पर लोगों की जान-माल का नुकसान हो रहा है और ऐसे समय में राहत एवं बचाव कार्य तथा प्रभावित लोगों की मदद प्राथमिकता होनी चाहिए। मायावती ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों के साथ-साथ राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे देश और जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान दें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेरोजगारी, युवाओं और छात्रों की समस्याओं तथा प्राकृतिक आपदा जैसे विषयों पर काम करना ही जनहित में सबसे जरूरी है। उनके बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब वंदे मातरम् के गायन को लेकर राजनीतिक स्तर पर चर्चा तेज है। मायावती ने साफ संकेत दिया कि राजनीतिक दलों को ऐसे मुद्दों के बजाय आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों और देश के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।