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राजनीति

विपक्ष की मुलाकात पर सवाल: राजीव प्रताप राहुल के बयानों को मर्यादा के खिलाफ बताया

भाजपा सांसद राजीव प्रताप राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात की बातें सार्वजनिक करने की आलोचना की है। साथ ही जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर भी तीखा हमला बोला है।

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Ankit Yadav
10 अक्ट 2026, 11:51
विपक्ष की मुलाकात पर सवाल: राजीव प्रताप राहुल के बयानों को मर्यादा के खिलाफ बताया

राष्ट्रपति से मुलाकात पर राहुल गांधी की टिप्पणी पर विवाद

भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजीव प्रताप राहुल गांधी के बयानों को लेकर तीखी नाराजगी जताई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। इस शिष्टाचार भेंट के तुरंत बाद राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था और सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी थी। भाजपा सांसद राजीव प्रताप ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया और इसे नियमों के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि जब कोई नेता देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से मिलकर बाहर आता है, तो उस बातचीत के ब्यौरे को सार्वजनिक करना कतई उचित नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि राहुल गांधी ने गोपनीयता के तमाम नियमों को ताक पर रख दिया है। भाजपा नेता ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर किस अधिकार के तहत विपक्ष के नेता ने राष्ट्रपति की बातों को इस तरह खुलेआम बाहर आकर बताया। उन्होंने जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश की कि विपक्ष के इस तरह के आचरण से देश की सबसे बड़ी संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। उनके अनुसार आम नागरिक या कोई भी जनप्रतिनिधि इस बात का सार्वजनिक दावा नहीं कर सकता है कि राष्ट्रपति ने बंद कमरे में क्या कहा था। उन्होंने राहुल गांधी के दावों की सत्यता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि उनके द्वारा बताई जा रही बातें असत्य भी हो सकती हैं।

विपक्षी गुट के ज्ञापन और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने राष्ट्रपति भवन जाकर देश की राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। इस ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर चुनावी व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया गया था। विपक्षी नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की जोरदार मांग की थी। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दावा किया था कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी की बात से कोई इनकार नहीं किया। उन्होंने यह भी लिखा था कि राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं से इस मामले में ठोस सबूत लाने के लिए कहा है। राहुल गांधी ने विश्वास जताया कि उनका गठबंधन राष्ट्रपति के सामने सबूतों का पूरा अंबार लगा देगा। उन्होंने राष्ट्रपति के उस आश्वासन का भी खुले मन से स्वागत किया जिसमें जांच कराने की बात कही गई थी। हालांकि इन तमाम दावों और बयानों पर पलटवार करते हुए राजीव प्रताप ने दो टूक शब्दों में अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष के पास इस बात की टिप्पणी करने का कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं है कि राष्ट्रपति ने अंदर क्या कहा था। भाजपा नेता ने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी और सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं द्वारा इस प्रकार की बयानबाजी करना राजनीतिक रूप से केवल अपनी जमीन बचाने का एक प्रयास मात्र है जिससे सच्चाई को बदला नहीं जा सकता है।

जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और बिहार की घटनाओं का संदर्भ

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन से पहले की गई भारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा सांसद राजीव प्रताप ने इस सुरक्षा घेरे का खुलकर समर्थन किया है और इसे पूरी तरह से जायज ठहराया है। उन्होंने अपने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि हमने बिहार राज्य में भी देखा था कि कैसे हिंसक प्रदर्शनों के दौरान आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी इस तरह के हालात बनते हैं, तो सरकार का यह प्राथमिक दायित्व बन जाता है कि वह कानून और व्यवस्था को पूरी तरह से कायम रखे। सत्ताधारी दल के नेता ने दो टूक कहा कि यदि कोई संगठन या दल सरकार को सीधी चुनौती देता है और विधि व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करता है, तो प्रशासन चुप नहीं बैठ सकता है। सरकार हमेशा आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करती है और यह कोई नई या अलग बात नहीं है। उन्होंने विरोध प्रदर्शनकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि संवैधानिक सीमाओं के भीतर रहकर ही अपनी बात रखनी चाहिए। कानून को हाथ में लेने की छूट किसी को भी नहीं दी जा सकती है और प्रशासन अपनी ड्यूटी पूरी मुस्तैदी से निभा रहा है। इस प्रकार से भाजपा नेता ने राहुल गांधी के बयानों और विपक्षी दलों के प्रदर्शन के तौर-तरीकों पर एक साथ कड़ा प्रहार किया।

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