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राजनीति

युवाओं का भविष्य: छत्तीसगढ़ के युवा अब जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बन रहे हैं

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्ल्ड लीडर्स फोरम में राज्य का विजन रखते हुए कहा कि यहां के युवा अब नौकरी तलाशने वालों की बजाय नौकरी देने वाले यानी जॉब क्रिएटर के रूप में उभर रहे हैं।

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Ankit Yadav
23 अग 2026, 15:59
युवाओं का भविष्य: छत्तीसगढ़ के युवा अब जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बन रहे हैं
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम के मंच पर राज्य की बदलती हुई आर्थिक और सामाजिक तस्वीर को दुनिया के सामने रखा है। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से राज्य की युवा पीढ़ी की क्षमताओं और उनकी उद्यमशीलता की सराहना की। सीएम साय ने स्पष्ट रूप से कहा कि आज का छत्तीसगढ़ी युवा सिर्फ पारंपरिक नौकरियों के पीछे भागने वाला जॉब सीकर नहीं रह गया है, बल्कि वह अपनी मेहनत, कौशल और नए विचारों के दम पर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने वाला जॉब क्रिएटर बन रहा है। राज्य सरकार द्वारा पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं जिससे स्थानीय स्तर पर युवाओं को तकनीकी शिक्षा, स्वरोजगार के साधन और स्टार्टअप के लिए अनुकूल माहौल मिल सके।

कौशल विकास और स्टार्टअप संस्कृति

सरकार की इन पहलों का ही परिणाम है कि आज प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों से भी युवा उद्यमी सामने आ रहे हैं जो कृषि, तकनीक, और लघु उद्योगों के क्षेत्र में अभिनव प्रयोग कर रहे हैं। वैश्विक मंच पर इस तरह की बात रखना राज्य में हो रहे सकारात्मक बदलावों को रेखांकित करता है। पारंपरिक रोजगार के सीमित अवसरों से आगे बढ़कर अब छत्तीसगढ़ के युवा नए जमाने के स्टार्टअप्स और व्यावसायिक उपक्रमों की तरफ रुख कर रहे हैं। सरकार द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और मेंटरशिप कार्यक्रमों ने इन युवाओं के सपनों को एक नई उड़ान दी है। भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए प्रशासनिक हलकों का मानना है कि इस प्रकार के वैश्विक मंचों पर राज्य की उपलब्धियों का बखान होने से देश-विदेश के निवेशकों का ध्यान भी छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित होगा। जब यहां के युवा स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करेंगे, तो राज्य की अर्थव्यवस्था को भी अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। सरकार का मुख्य फोकस शिक्षा प्रणाली को रोजगारोमुख बनाने पर है ताकि शुरुआती दौर से ही विद्यार्थियों में बिजनेस और लीडरशिप की भावना विकसित की जा सके। आगामी दिनों में राज्य प्रशासन इन पहलों को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के लिए कई नए कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस बयान ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि अपनी बौद्धिक संपदा और युवा शक्ति के बल पर एक आत्मनिर्भर राज्य के रूप में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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