चीन में पहली बार अंतरराष्ट्रीय वाइन महाकुंभ का सफल आयोजन
अंतरराष्ट्रीय अंगूर एवं वाइन संगठन के तत्वावधान में इस सप्ताह चीन के निंग्शिया क्षेत्र के यिनचुआन शहर में 47वें विश्व अंगूर एवं वाइन सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह पहला मौका है जब किसी एशियाई देश ने इस प्रतिष्ठित वैश्विक कार्यक्रम की मेजबानी की जिम्मेदारी संभाली है। यह पांच दिवसीय महाकुंभ गत 12 अक्टूबर से आरंभ होकर 16 अक्टूबर तक पूरी भव्यता के साथ संचालित हुआ। इस वृहद आयोजन में कुल 47 देशों के 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन प्रतिभागियों में संगठन के 42 सदस्य देशों के अलावा पांच गैर-सदस्य देशों के अधिकारी व विशेषज्ञ भी शामिल थे। आयोजन के दौरान वैश्विक अंगूर और वाइन उद्योग के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। इस सिलसिले में कई वैज्ञानिक बैठकों, नीतिगत वार्ताओं और तकनीकी दौरों का आयोजन किया गया। उद्योग जगत के समक्ष आ रहे बदलावों, तकनीकी नवाचारों और स्थिरता जैसे व्यापक विषयों को इस सम्मेलन का मुख्य आधार बनाया गया था। उत्पादकों, शोधकर्ताओं और नियामकों को जिन गंभीर दबावों का सामना करना पड़ रहा है, उन सभी बिंदुओं पर सत्रों के दौरान विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बदलती बाजार परिस्थितियों, पर्यावरणीय चुनौतियों तथा नई तकनीकी जरूरतों के मुताबिक खुद को ढालने के तौर-तरीकों पर भी मंथन हुआ।
वैज्ञानिक शोध प्रस्तुतियां और तकनीकी दौरों का विस्तृत कार्यक्रम
इस पांच दिवसीय भव्य आयोजन के दौरान कुल 420 वैज्ञानिक शोध प्रस्तुतियां मंच पर रखी गईं और छह विशेष तकनीकी दौरों का संचालन किया गया। इन शोध पत्रों में अंगूर की खेती की पद्धतियों, मदिरा निर्माण की तकनीकों, आर्थिक पहलुओं, नियम कायदों, उपभोक्ता स्वास्थ्य और उत्पाद सुरक्षा जैसे अहम विषयों को शामिल किया गया था। सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए इन सभी वैज्ञानिक शोधों की उच्च गुणवत्ता की सभी ने खुलकर सराहना की। अंतरराष्ट्रीय संगठन ने घोषणा की है कि इन सभी दस्तावेजों को आगामी महीनों में आईवीईएस कॉन्फ्रेंस श्रृंखला के मंच पर मुफ्त-पहुंच सामग्री के रूप में प्रकाशित किया जाएगा ताकि शोधकर्ताओं, उत्पादकों, विद्यार्थियों और नीति-निर्माताओं को व्यापक ज्ञान साझा करने का अवसर मिल सके। उद्घाटन सत्र के दौरान चीन और अंतरराष्ट्रीय संगठन के प्रतिनिधियों ने वैश्विक और घरेलू बाजार के हालिया घटनाक्रमों की समीक्षा की। गहरे बदलाव के इस दौर में प्रतिक्रिया देने के तरीकों और इसका भविष्य के उत्पादन, व्यापार व नियमन पर पड़ने वाले प्रभावों को केंद्र में रखकर चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि निरंतर बदलते हालात के अनुरूप खुद को ढालने के लिए शोध और नवाचार का सहारा लेना बेहद आवश्यक है। विभिन्न बाजारों के बीच एकरूपता बनाए रखने के वास्ते अंतरराष्ट्रीय मानकों की भूमिका को भी काफी अहम बताया गया।
निंग्शिया क्षेत्र का विकास और महासभा के 16 प्रस्तावों को मंजूरी
यिनचुआन शहर का चयन किए जाने से इस सम्मेलन को एक बेहद मजबूत क्षेत्रीय आयाम प्राप्त हुआ है। हाल के वर्षों में निंग्शिया चीन के सबसे प्रमुख और चर्चित वाइन उत्पादक क्षेत्रों में शुमार हो चुका है जहां निवेश और गुणवत्ता सुधार के प्रयासों में लगातार वृद्धि हुई है। इस आयोजन के जरिए चीन ने अपने घरेलू उद्योग को वैज्ञानिकों और अधिकारियों के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय समूह के समक्ष सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम का अंतिम दिन संगठन की 24वीं महासभा के लिए पूरी तरह समर्पित रहा जिसमें सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी। ये सभी स्वीकृत उपाय कृषि, मदिरा विज्ञान, अर्थव्यवस्था, कानून और जन स्वास्थ्य से जुड़े चार मुख्य कार्यक्षेत्रों के अंतर्गत आते हैं। फ्रांस के डिजॉन शहर में स्थित 1924 में स्थापित यह संगठन दुनिया भर के अंगूर के बागों के 90 प्रतिशत क्षेत्रफल, वैश्विक मदिरा उत्पादन के 88 प्रतिशत हिस्से और कुल खपत के 75 प्रतिशत भाग का प्रतिनिधित्व करता है। वर्तमान में इसके 51 सदस्य देश हैं जिनके 500 से अधिक विशेषज्ञ वर्ष में दो बार बैठक करके प्रस्तावों की समीक्षा करते हैं। इस सम्मेलन की मेजबानी करके चीन ने अंतरराष्ट्रीय वाइन चर्चाओं में अपनी बड़ी भूमिका निभाने की अपनी गहरी महत्वाकांक्षा को स्पष्ट रूप से दर्शा दिया है।