कंटाप
NEWS
बुधवार, 9 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
अमेरिका का 5 ईरानी टैंकरों पर हमला: जवाब में ईरान ने जॉर्डन में US बेस पर 20 मिसाइलें दागीं; इससे पहले अमेर...      चलाओ बुलडोजर; दिल्ली में CM रेखा गुप्ता का बड़े ऐक्शन का आदेश, कई इलाकों में होगी तोड़फोड़      संजय राउत ने कहा, 'विदेश जाकर मुस्लिम लीडर से गले मिलते हैं, यहां गरबा में मुसलमानों को रोका जा रहा'      BRICS पर क्यों ट्रंप की नजर, ईरान ने कैसे बढ़ाई बेचैनी, अमेरिका क्यों परेशान, भारत के आगे क्या चुनौती?      नौकर से करती थी चैट, कानपुर की करोड़पति बहू की कहानी में ट्विस्ट      CJP प्रोटेस्ट: नोटिस पर CJI नाराज, पूछा- मजिस्ट्रेट कैसे जारी कर सकते हैं      'अपने CM को देखें पहले...', वंदे मातरम पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सिद्धारमैया-रेवंत रेड्डी का वीडियो दिखा कांग्रेस को घेरा      ओडिशा के बालासोर जंगल में मिले ओरंगुटान के 5 बच्चे, इंडोनेशिया और मलेशिया से 4000 किमी दूर कैसे आए भारत?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
कृषि

कृषि क्षेत्र में बदलाव: पूर्वांचल और बुंदेलखंड के 28 जिलों में 10 लाख किसानों को मिलेंगी आधुनिक तकनीक और नई फसलें

पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कृषि परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है, जिसके तहत 28 जिलों के करीब दस लाख अन्नदाताओं को आधुनिक तकनीक और नए बाजारों से जोड़ा जाएगा।

A
Ankit Yadav
09 सित 2026, 12:32
कृषि क्षेत्र में बदलाव: पूर्वांचल और बुंदेलखंड के 28 जिलों में 10 लाख किसानों को मिलेंगी आधुनिक तकनीक और नई फसलें
उत्तर प्रदेश के दो सबसे महत्वपूर्ण और कृषि प्रधान माने जाने वाले क्षेत्रों पूर्वांचल और बुंदेलखंड में खेती-किसानी की तस्वीर को उन्नत बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के तरीकों से हटकर किसानों को आधुनिक युग की तकनीक, बेहतर बाजार पहुंच और उन्नत फसलों से जोड़ना है। इसके माध्यम से इन क्षेत्रों के कृषि विकास को एक नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकेगी।

तकनीक और बाजार का विस्तार

उर्वर भूमि और प्रचुर श्रम शक्ति होने के बावजूद पूर्वांचल और बुंदेलखंड के कई हिस्सों में किसान आज भी पारंपरिक और कम मुनाफे वाली फसलों पर निर्भर हैं। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रशासन और कृषि विशेषज्ञों ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत कुल 28 जिलों के लगभग दस लाख किसानों को सीधे तौर पर लाभांवित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन किसानों को अत्याधुनिक कृषि उपकरणों, ड्रिप इरिगेशन, समय पर मौसम की जानकारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए खेती करने के गुर सिखाए जाएंगे ताकि वे अपनी पैदावार को अधिकतम कर सकें। कृषि उत्पादों की सही कीमत मिलना हमेशा से किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। इस योजना के तहत किसानों को केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के बाजारों से सीधे जोड़ने के लिए मजबूत सप्लाई चेन और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के साथ गठजोड़ भी कराया जाएगा। इसके अलावा, उपभोक्ताओं की मांग और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के अनुसार नई और लाभकारी फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे बाजार में उनकी फसल की मांग हमेशा बनी रहे।

दीर्घकालिक लाभ और उम्मीदें

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना का क्रियान्वयन सही ढंग से हुआ, तो यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को और अधिक मजबूत करेगा। जलवायु परिवर्तन और जल संकट जैसी समस्याओं से निपटने के लिए भी किसानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। बुंदेलखंड जैसे सूखा संभावित क्षेत्रों में जल संरक्षण तकनीकों का प्रसार इस योजना का एक अहम हिस्सा है, जिससे सिंचाई की समस्याओं से काफी हद तक निजात मिलेगी। आने वाले महीनों में इस परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर जागरूकता शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। राज्य सरकार और कृषि विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर पात्र किसान तक ये सुविधाएं पारदर्शिता के साथ पहुंच सकें। इस समग्र दृष्टिकोण से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि पूरे राज्य में कृषि क्षेत्र का एक नया और आधुनिक चेहरा सामने आएगा जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार होगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज