कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
आजम खान से केवल इसलिए मिलना चाहते थे अखिलेश? AIMIM के वारिस पठान ने किया ये दावा      कौन हैं स्वीटी अख्तर, सऊदी अरब में क्यों दी गई फांसी? परिवार ने सब बता दिया, दर्दनाक है कहानी      रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर बीकानेर हाउस का ये जवाब, प्रियंका गांधी ने कहा- तुम पर गर्व है      Investigation : BIPARD में गेस्ट फैकल्टी बन अधिकारियों ने 3 साल में कमाये 8 करोड़, पैनल में नाम नहीं फिर भी हुआ पेमेंट      दोनों चुनाव आयुक्तों ने सीनियर ऑफिसर के खिलाफ शिकायत की, कैबिनेट सचिव को लिखी चिट्ठी-RTI में खुलासा      पीएम मोदी ने स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राम से बात की: चिन्मय मिशन के 75 साल पूरे, दुनियाभर में 350 से ज्य...      फिर चालबाजी कर रहा चीन, अरुणाचल सीमा पर बढ़ा तनाव, कई जगहों पर आमने-सामने के हालात      सौरभ दास ने बाहर आते ही किया 'कांड', नहीं मानी पुलिस की बात; रांका भी घिरे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
व्यापार

ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी छलांग: राजस्थान के जैसलमेर में देश के सबसे बड़े हाइब्रिड सोलर-विंड पार्क का हुआ सफल संचालन

भारत सरकार के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए जैसलमेर में नई ऊर्जा परियोजना शुरू की गई है।

X
Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 00:00
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी छलांग: राजस्थान के जैसलमेर में देश के सबसे बड़े हाइब्रिड सोलर-विंड पार्क का हुआ सफल संचालन

देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के राष्ट्रीय संकल्प के तहत राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक विशाल हाइब्रिड सोलर और विंड पावर पार्क ने आधिकारिक रूप से अपनी वाणिज्यिक गतिविधियां शुरू कर दी हैं। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संयुक्त उपक्रम द्वारा विकसित इस अत्याधुनिक ऊर्जा पार्क की कुल उत्पादन क्षमता दो हजार मेगावाट से अधिक है, जो इसे देश का अपनी तरह का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र बनाती है। इस अनूठी परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा दोनों का एक साथ संचलन किया जा रहा है, जिससे मौसम या दिन-रात के चक्र के बावजूद लगातार और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना भारत को वैश्विक हरित क्रांति के नक्शे पर एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करती है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर असर थार मरुस्थल की बंजर भूमि पर स्थापित इस वृहद ऊर्जा संयंत्र के माध्यम से न केवल देश की बिजली की मांग पूरी होगी, बल्कि राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को भी अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। इस परियोजना के निर्माण और संचालन के दौरान स्थानीय युवाओं को तकनीकी और गैर-तकनीकी क्षेत्रों में हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा, कंपनी द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड के तहत आसपास के दर्जनों गांवों में आधुनिक स्कूलों, पेयजल आपूर्ति प्रणालियों और स्वास्थ्य केंद्रों का विकास किया जा रहा है, जिससे स्थानीय जनजातीय और ग्रामीण समुदायों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। पर्यावरणविदों ने भी इस बात की सराहना की है कि कैसे बिना किसी पारिस्थितिकीय नुकसान के इस बंजर क्षेत्र को देश के सबसे बड़े क्लीन एनर्जी हब के रूप में बदल दिया गया है।

भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा की मजबूत नींव भारत द्वारा वर्ष 2030 तक गैर-जिवाश्म ईंधन स्रोतों से पचास प्रतिशत ऊर्जा प्राप्त करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर यह परियोजना एक ठोस कदम साबित हो रही है। देश के उत्तरी और पश्चिमी ग्रिड के साथ इस पार्क को आधुनिक पारेषण लाइनों के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उत्पादित बिजली को बिना किसी बाधा के देश के दूरदराज के राज्यों तक पहुंचाया जा सकेगा। ऊर्जा विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस प्रकार की मेगा परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से आने वाले समय में बिजली दरों में स्थिरता आएगी और औद्योगिक घरानों को भी सस्ती तथा पर्यावरण के अनुकूल बिजली मिल सकेगी। राज्य सरकार अब इस मॉडल को अन्य जिलों में भी दोहराने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि राजस्थान आने वाले वर्षों में देश का ऊर्जा निर्यातक राज्य बन सके।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज