Lucknow Desk : आजमगढ़ में शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक कथित अंतरजनपदीय गिरोह का बरदह पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह में शामिल लोग दुल्हन, उसके पिता, भाई और रिश्तेदार बनकर शादी का पूरा माहौल तैयार करते थे। शादी के बाद रुपये और जेवर लेकर फरार हो जाते थे। आरोपियों के कब्जे से नकदी, आभूषण, कपड़े और घटना में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। मामला बरदह थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर 2026 को हरदोई निवासी रामबिलाश ने थाने में शिकायत दी थी। बताया गया कि उनके बेटे राजकुमार की शादी के लिए व्हाट्सऐप के जरिए लड़की की फोटो भेजी गई और इसके बाद बंधवा महादेव मंदिर बुलाया गया।
मंदिर में राजकुमार की लड़की से शादी कराई गई। शादी के दौरान लड़की को नाक की कील और 80 हजार रुपये नकद दिए गए। शिकायत के मुताबिक, शादी के बाद राजकुमार लड़की को लेकर घर जा रहा था। इसी दौरान बंधवा मोड़ के पास लड़की के कथित पिता, भाई और एक अन्य व्यक्ति ने उसे गाड़ी से उतार दिया और लड़की व रुपये लेकर फरार हो गए। मामले में बरदह थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर कोदहरा चौराहे के पास घेराबंदी की गई। यहां दो मोटरसाइकिलों के पास मौजूद पांच पुरुष और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान 19 हजार 650 रुपये नकद, पायल, मंगलसूत्र, कान के झुमके, नाक की कील, सिन्दूर की डिब्बी, साड़ी, पैंट-शर्ट का कपड़ा और दो मोटरसाइकिल बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी शादी के नाम पर ठगी करने के लिए ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिनकी शादी नहीं हो पा रही थी।
महिला सदस्य को दुल्हन बनाकर उसकी फोटो भेजी जाती थी। शादी के दौरान गिरोह के अन्य सदस्य लड़की के पिता, भाई और रिश्तेदार बनकर लड़के पक्ष का विश्वास जीतते थे। पुलिस का दावा है कि शादी के बाद रुपये और जेवर लेने के बाद लड़के पक्ष को विवाद या मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में महिला आरोपी ने दुल्हन की भूमिका निभाई थी। जबकि बजरंगी बिन्द और बहादुर उर्फ राजू ने दुल्हन के भाई तथा राजन विश्वकर्मा ने पिता की भूमिका निभाई थी। रामबिलाश और जय किशन उर्फ अजीत के रिश्तेदार बनकर शादी में शामिल होने की बात पुलिस ने बताई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं। मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।