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ऐतिहासिक धरोहर का जीर्णोद्धार: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओरछा मंदिर परिसर के संरक्षण हेतु पुरातत्व विभाग ने मंजूर किए 120 करोड़ रुपये

बुंदेलखंड की ऐतिहासिक नगरी ओरछा के प्राचीन मंदिरों और महलों के संरक्षण के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने एक सौ बीस करोड़ रुपये के विशेष बजट की मंजूरी दे दी है।

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Administrator
10 अग 2026, 11:45
ऐतिहासिक धरोहर का जीर्णोद्धार: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओरछा मंदिर परिसर के संरक्षण हेतु पुरातत्व विभाग ने मंजूर किए 120 करोड़ रुपये

मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित बुंदेला राजवंश की ऐतिहासिक राजधानी ओरछा अपनी बेजोड़ वास्तुकला और प्राचीन स्मारकों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, लेकिन समय के साथ इन धरोहरों को पहुंच रहे नुकसान को रोकने के लिए अब व्यापक स्तर पर काम शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने आज संयुक्त रूप से घोषणा की कि ओरछा के प्रसिद्ध रामराजा मंदिर, चतुर्भुज मंदिर और जहांगीर महल के पुनरुद्धार के लिए एक सौ बीस करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड जारी कर दिया गया है। इस राशि का उपयोग प्राचीन भित्ति चित्रों के संरक्षण, पत्थरों की रासायनिक सफाई, और ऐतिहासिक परिसरों में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था तथा आगंतुकों के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। विशेषज्ञों की एक विशेष टीम इस बात की देखरेख करेगी कि जीर्णोद्धार के दौरान इन स्मारकों की मूल वास्तुकला और प्राचीन स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ न हो।

वैज्ञानिक तरीकों से प्राचीन कला का संरक्षण सदियों पुरानी इन इमारतों में मौसम के प्रभाव से पत्थरों के कमजोर होने और नक्काशीदार दीवारों पर फंगस लगने की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, जिन्हें दूर करने के लिए देश-विदेश के शीर्ष कंजर्वेशन आर्किटेक्ट्स की मदद ली जा रही है। विशेष रासायनिक लेप और नैनो-टेक्नोलॉजी आधारित विधियों का प्रयोग करके दीवारों पर उकेरी गई पौराणिक कथाओं और चित्रों को उनकी मूल चमक में वापस लाया जाएगा। इसके अलावा, बेतवा नदी के तट पर स्थित छत्रियों और प्राचीन घाटों की संरचनात्मक मजबूती की जांच के लिए आधुनिक सेंसर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है ताकि भविष्य में बाढ़ या जल भराव से होने वाले नुकसान से बचा जा सके। स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक शिल्पकारों को इस पुनरुद्धार कार्य में बड़े पैमाने पर शामिल किया गया है ताकि बुंदेलखंड की प्राचीन निर्माण कला को भी जीवित रखा जा सके। पर्यटन उद्योग को मिलेगा नया जीवन  इस मेगा संरक्षण परियोजना के पूरा होने से ओरछा में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय होटल व्यवसाय, टूर गाइड और हस्तशिल्प उद्योग से जुड़े लोगों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने बताया कि ओरछा को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में स्थायी स्थान दिलाने के लिए इस जीर्णोद्धार कार्य को एक अनिवार्य कदम के रूप में देखा जा रहा है। शाम के समय पर्यटकों के लिए विशेष लाइट एंड साउंड शो को भी उन्नत किया जा रहा है, जिसमें बुंदेला राजाओं के इतिहास और वीर सिंह जू देव की गाथाओं को अत्यंत आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। इस पहल से न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ने का अनूठा अवसर मिलेगा।

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