हरियाणा के गुरुग्राम में नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। आज सुबह भारी पुलिस बल के साथ निगम की टीम सेक्टर-52 पहुंची और सरकारी भूमि पर बने तीन बड़े गोदामों और बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया। यह इलाका लंबे समय से भू-माफियाओं के निशाने पर था, जिन्होंने मिलीभगत से सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसे व्यावसायिक उपयोग के लिए किराए पर दे दिया था। नगर निगम के आयुक्त के अनुसार, इस जमीन की बाजार कीमत करोड़ों में है और इसे किसी भी हाल में अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया।
अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा संदेश निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक शुरुआत है। गुरुग्राम में कई ऐसे सेक्टर हैं जहां सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाए गए हैं। विभाग की ओर से इन सभी मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था, लेकिन किसी ने भी जमीन खाली करने की जहमत नहीं उठाई। ध्वस्त किए गए अवैध ढांचों के मलबे को हटाने का काम भी निगम के ट्रकों द्वारा शुरू कर दिया गया है। स्थानीय आरडब्ल्यूए ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से इन अवैध ढांचों के कारण ट्रैफिक और सुरक्षा की समस्याएं आ रही थीं।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में जो भी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से निर्माण करेगा, उसके खिलाफ कड़ी एफआईआर दर्ज की जाएगी और निर्माण कार्य में लगे उपकरणों को भी जब्त कर लिया जाएगा। गुरुग्राम के रियल एस्टेट बाजार में इस तरह की सख्ती से उन लोगों में डर का माहौल है जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर निर्माण किया है। निगम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि वे अपने आसपास किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण को देखते हैं, तो निगम के टोल-फ्री नंबर पर इसकी सूचना दें। विभाग अब सैटेलाइट मैपिंग के जरिए अन्य सरकारी जमीनों की पहचान कर रहा है ताकि उन पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे को रोका जा सके।