कंटाप
NEWS
बुधवार, 9 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
अमेरिका का 5 ईरानी टैंकरों पर हमला: जवाब में ईरान ने जॉर्डन में US बेस पर 20 मिसाइलें दागीं; इससे पहले अमेर...      चलाओ बुलडोजर; दिल्ली में CM रेखा गुप्ता का बड़े ऐक्शन का आदेश, कई इलाकों में होगी तोड़फोड़      संजय राउत ने कहा, 'विदेश जाकर मुस्लिम लीडर से गले मिलते हैं, यहां गरबा में मुसलमानों को रोका जा रहा'      BRICS पर क्यों ट्रंप की नजर, ईरान ने कैसे बढ़ाई बेचैनी, अमेरिका क्यों परेशान, भारत के आगे क्या चुनौती?      नौकर से करती थी चैट, कानपुर की करोड़पति बहू की कहानी में ट्विस्ट      CJP प्रोटेस्ट: नोटिस पर CJI नाराज, पूछा- मजिस्ट्रेट कैसे जारी कर सकते हैं      'अपने CM को देखें पहले...', वंदे मातरम पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सिद्धारमैया-रेवंत रेड्डी का वीडियो दिखा कांग्रेस को घेरा      ओडिशा के बालासोर जंगल में मिले ओरंगुटान के 5 बच्चे, इंडोनेशिया और मलेशिया से 4000 किमी दूर कैसे आए भारत?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
देश

कूनो में कमाल: मेड इन इंडिया मॉडल से चीता शावकों का सर्वाइवल रेट बढ़कर 61% हुआ

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीता संरक्षण को लेकर एक बड़ी सफलता सामने आई है। यहाँ 'मेड इन इंडिया' मॉडल के जरिए चीता शावकों की सुरक्षा और देखभाल की जा रही है, जिसके परिणाम स्वरूप उनका सर्वाइवल रेट बढ़कर 61 प्रतिशत तक पहुँच गया है और इसने अफ्रीकी मानकों को भी पीछे छोड़ दिया है।

A
Ankit Yadav
09 सित 2026, 11:40
कूनो में कमाल: मेड इन इंडिया मॉडल से चीता शावकों का सर्वाइवल रेट बढ़कर 61% हुआ
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। यहाँ चीता पुनर्वास परियोजना के तहत अपनाए गए विशेष तौर-तरीकों से अद्भुत परिणाम सामने आए हैं। देश में विकसित किए गए इस नए प्रबंधन और संरक्षण मॉडल की बदौलत अब चीता शावकों के जीवित रहने की दर यानी सर्वाइवल रेट में भारी उछाल दर्ज किया गया है। अधिकारियों और वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यह नया दृष्टिकोण पूरी तरह से भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल तैयार किया गया है, जो शावकों की रक्षा करने में बेहद सफल साबित हो रहा है।

अफ्रीकी आंकड़ों को पीछे छोड़ा

नवीनतम आंकड़ों पर नजर डालें तो कूनो नेशनल पार्क में चीता शावकों का सर्वाइवल रेट अब बढ़कर 61 प्रतिशत तक जा पहुँचा है। पारंपरिक रूप से कई अफ्रीकी देशों में चीता शावकों के सामने जीवन बचाने की कई चुनौतियाँ रहती हैं, लेकिन भारतीय मॉडल ने इन सभी बाधाओं को पार करते हुए एक नया बेंचमार्क स्थापित कर दिया है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यहाँ का माहौल, स्थानीय स्तर पर दी जाने वाली कड़ी निगरानी, पशु चिकित्सा की बेहतरीन सुविधाएँ और वन विभाग की मुस्तैदी इस बड़ी उपलब्धि के मुख्य कारण हैं। इस सफलता से देश के वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों में भारी उत्साह का माहौल है। प्रोजेक्ट चीता के तहत जब से इन वन्यजीवों को भारत लाया गया था, तब से इनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर तमाम तरह की चर्चाएँ और चिंताएँ थीं। शुरुआत में कुछ शुरुआती झटकों के बाद, भारतीय वन्यजीव विशेषज्ञों ने अपनी खुद की रणनीतियाँ और प्रोटोकॉल तैयार किए। इन्हीं स्थानीय और वैज्ञानिक तरीकों को 'मेड इन इंडिया' मॉडल का नाम दिया गया है, जो अब धरातल पर अपने शानदार परिणाम दे रहा है। विशेष रूप से नवजात शावकों के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण और उनके प्राकृतिक आवास में उन्हें सुरक्षित रखने के लिए कूनो प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है। आने वाले समय में इस सफलता को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रशासन कई और कदम उठाने की योजना बना रहा है। वन अधिकारियों और वैज्ञानिकों की टीम लगातार चीतों के व्यवहार पर नजर रख रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। कूनो की यह कामयाबी न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक वन्यजीव संरक्षण मानचित्र पर भी एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हो रही है, जिससे भविष्य में अन्य परियोजनाओं के लिए भी एक बेहतरीन रास्ता तैयार हुआ है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज