कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल पुलिस का अलर्ट - तिब्बत की तरफ़ बना डैम टूटा, लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने को कहा      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      धोखाधड़ी, उत्पीड़न और फिर मर्डर; दिल्ली की मॉडल हत्या मामले में 'जहरीले रिश्ते' का खुलासा      आज लोकसभा चुनाव हुए तो BJP को मिलेंगी कितनी सीटें, इंडिया गठबंधन में शामिल दलों का कैसा हाल, C-वोटर का आया सर्वे      ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      दिल्ली आ गई 'कांदा एक्सप्रेस', 60-70 रुपये वाला प्याज अब 35 रुपये किलो, जानिए कहां मिलेगा?      दो सरकारी टीचरों ने RSS मार्च में हिस्सा लिया, दोनों सस्पेंड हो गए | The Lallantop     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
स्वास्थ्य

लोक स्वास्थ्य की बड़ी पहल: कर्नाटक के ग्रामीण जिलों में शुरू हुआ व्यापक एआई-आधारित नेत्र परीक्षण अभियान

कर्नाटक सरकार ने राज्य के दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए एक महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस वैन घर-घर जाकर आंखों की जांच करेगी।

X
Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 14:13
लोक स्वास्थ्य की बड़ी पहल: कर्नाटक के ग्रामीण जिलों में शुरू हुआ व्यापक एआई-आधारित नेत्र परीक्षण अभियान
कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने आज एक अनूठी और अत्यधिक प्रभावी जनस्वास्थ्य पहल का शुभारंभ किया है, जिसके माध्यम से राज्य के ग्रामीण और आदिवासी बहुल जिलों में रहने वाले नागरिकों को उनके घर के द्वार पर आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इस विशेष अभियान के तहत, विशेष रूप से डिजाइन की गई अत्याधुनिक वैन को गांवों में भेजा जा रहा है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सॉफ्टवेयर से लैस हैं और महज दो मिनट के भीतर मोतियाबिंद, ग्लूकोमा तथा डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी गंभीर नेत्र विकारों का सटीक निदान करने में पूरी तरह सक्षम हैं। इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत मैसूर और चामराजनगर जिलों के दो सौ से अधिक गांवों से की गई है, जहाँ पारंपरिक नेत्र चिकित्सालयों की पहुंच सीमित होने के कारण लोग समय पर अपनी आंखों की जांच नहीं करवा पाते थे।

अभियान की कार्यप्रणाली और एआई तकनीक

इस अनूठी पहल में उपयोग की जाने वाली तकनीक पूरी तरह से कागज रहित और डिजिटल है, जहाँ स्कैन किए गए रेटिना के चित्र तुरंत एआई एल्गोरिदम द्वारा विश्लेषित किए जाते हैं और यदि किसी मरीज में गंभीर बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं, तो उसका डेटा तुरंत जिला अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञों के पास ऑनलाइन भेज दिया जाता है। इस प्रणाली के माध्यम से न केवल समय की भारी बचत होती है बल्कि ग्रामीण स्तर पर ही मरीजों की सही पहचान करके उन्हें शुरुआती चरण में ही मुफ्त दवाइयां और चश्मे वितरित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने उद्घाटन समारोह के दौरान कहा कि इस तकनीक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी नागरिक केवल इसलिए अपनी दृष्टि न खोए कि वह जिला मुख्यालय तक यात्रा करने या महंगे निजी अस्पतालों का खर्च उठाने में असमर्थ है।

समुदाय की प्रतिक्रिया और भविष्य का विस्तार

ग्रामीण क्षेत्रों में इस स्वास्थ्य वैन के पहुंचते ही स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और पहले ही दिन सैकड़ों बुजुर्गों तथा महिलाओं ने अपनी आंखों की मुफ्त जांच करवाई है। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी इस आधुनिक एआई उपकरण के संचालन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है ताकि यह अभियान लंबे समय तक सुचारू रूप से चलाया जा सके। राज्य सरकार की आगामी योजना इस प्रकार की कम से कम पचास और उन्नत मोबाइल नेत्र क्लीनिक वैन को पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से तैनात करने की है ताकि वर्ष के अंत तक सभी ग्रामीण ब्लॉकों को इस सेवा के दायरे में लाया जा सके।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज