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स्वास्थ्य

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकता: ग्रामीण भारत में तेजी से फैल रही मधुमेह की बीमारी पर डॉ जितेंद्र सिंह का बड़ा बयान

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने देश में स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मधुमेह यानी डायबिटीज की रोकथाम को अब देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया जाना चाहिए, क्योंकि ग्रामीण भारत भी अब इस बीमारी की चपेट में आ चुका है।

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Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 17:22
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकता: ग्रामीण भारत में तेजी से फैल रही मधुमेह की बीमारी पर डॉ जितेंद्र सिंह का बड़ा बयान
नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संगोष्ठी के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी अब केवल शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि ग्रामीण भारत भी इसके बढ़ते प्रकोप से अछूता नहीं बचा है। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि देश के सुदूर गांवों में भी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं, जिसके लिए अब एक बड़े स्तर पर सामुदायिक प्रयासों की आवश्यकता है। मंत्री महोदय ने इस महामारी से निपटने के लिए तकनीक आधारित समाधानों और जन-जागरूकता अभियानों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया है, ताकि शुरुआती दौर में ही इस बीमारी की पहचान कर मरीजों को उचित उपचार मुहैया कराया जा सके।

समुदाय आधारित और तकनीक-सक्षम दृष्टिकोण

इस गंभीर चुनौती से पार पाने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मिलकर एक ऐसे मॉडल की वकालत की है जिसमें जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाए। डिजिटल हेल्थ आईडी और टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से गांवों में बैठे मरीजों को भी बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों की सलाह आसानी से मिल सकेगी। डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि पारंपरिक उपचार पद्धतियों के साथ-साथ खानपान में बदलाव और नियमित शारीरिक श्रम को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है। शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान न हो पाने के कारण कई बार मरीजों को बाद में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसे रोकने के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने पर जोर दिया जा रहा है।

भविष्य के लिए ठोस स्वास्थ्य नीतियां

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ग्रामीण क्षेत्रों में इस मधुमेह संकट को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य ढांचे पर बहुत बड़ा बोझ बन सकता है। सरकार इस दिशा में लगातार नए दिशा-निर्देश तैयार कर रही है और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने का काम तेजी से चल रहा है। आम जनता को भी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने की जरूरत है ताकि संतुलित जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सके। इस राष्ट्रव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को स्वस्थ और दीर्घायु जीवन प्रदान करना है।
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