स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज एक राष्ट्रव्यापी टेली-मेडिसिन पहल 'आरोग्य सेतु 2.0' का अनावरण किया है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले 1 करोड़ से अधिक लोगों को विशेषज्ञों से जोड़ना है। इस सेवा के तहत, ग्रामीण केंद्रों पर लगे विशेष डिजिटल कियोस्क के माध्यम से मरीज सीधे बड़े शहरों के डॉक्टरों से वीडियो परामर्श ले सकेंगे। यह पहल विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी जहां बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड भी आज से शुरू किए जा रहे हैं।
सेवा का विस्तार पहले चरण में 10 राज्यों के 500 से अधिक जिलों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। इस परियोजना के लिए सरकार ने एक समर्पित ऐप भी बनाया है जो ऑफलाइन मोड में भी काम कर सकता है। मरीजों को दवाइयों के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी क्योंकि स्थानीय केंद्रों पर दवा उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है। इस पहल से मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा। प्राइवेट हॉस्पिटल्स भी इस मिशन में अपना सहयोग देने के लिए आगे आए हैं।
नतीजे और भविष्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में एक बड़ी उपलब्धि है। प्रारंभिक परिणामों में देखा गया है कि यह सेवा समय पर निदान करने में बहुत प्रभावी है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में इसे पूरे भारत के हर पंचायत तक पहुँचाया जाए। इससे ग्रामीण स्वास्थ्य आंकड़ों को डिजिटल रूप में एकत्र करना भी आसान हो जाएगा, जिससे भविष्य में बीमारियों को रोकने की बेहतर रणनीति बनाई जा सकेगी। यह कदम देश की स्वास्थ्य प्रणाली को नई दिशा देगा।