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स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार: नीति आयोग का पूरे देश में इंटरस्टेट लाइसेंस पोर्टेबिलिटी का अहम प्रस्ताव

नीति आयोग ने देश भर के स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में लाइसेंस पोर्टेबिलिटी की ऐतिहासिक सिफारिश की है।

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Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 13:50
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार: नीति आयोग का पूरे देश में इंटरस्टेट लाइसेंस पोर्टेबिलिटी का अहम प्रस्ताव
भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। नीति आयोग ने एक बेहद महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने रखा है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश भर के डॉक्टरों और चिकित्सा पेशेवरों के लिए 'इंटरस्टेट लाइसेंस पोर्टेबिलिटी' को लागू करना है। इस नई व्यवस्था के तहत यदि कोई डॉक्टर एक राज्य में पंजीकृत है, तो वह बिना किसी कागजी जटिलता के दूसरे राज्यों में भी अपनी सेवाएं आसानी से दे सकेगा। वर्तमान समय में अलग-अलग राज्यों के मेडिकल काउंसिलों के नियमों के कारण चिकित्सकों को एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रैक्टिस करने में भारी प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

चिकित्सा जगत में सुगमता की ओर कदम

नीति आयोग की इस पहल से देश के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने में बहुत बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है। जब स्वास्थ्य पेशेवर आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर अपनी सेवाएं दे सकेंगे, तो इससे संपूर्ण स्वास्थ्य ढांचे में उल्लेखनीय सुधार होगा। खासकर आपातकालीन परिस्थितियों या महामारी के समय इस पोर्टेबिलिटी व्यवस्था से डॉक्टरों की त्वरित तैनाती सुनिश्चित की जा सकेगी। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इस प्रस्ताव का गर्मजोशी से स्वागत किया है और इसे समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया है।

भविष्य की स्वास्थ्य नीतियां

इस प्रस्ताव को जल्द ही संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों के साथ साझा करके इसके क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। सरकार का यह कदम 'वन नेशन, वन हेल्थ' की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक मील का पत्थर साबित हो सकता है, जिससे मरीजों और डॉक्टरों दोनों को भारी राहत मिलेगी।
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