गुरुवार दोपहर को अस्पताल पहुंचे जिला अधिकारी
मध्य प्रदेश के चंदेरी नगर स्थित सिविल अस्पताल में उस समय हलचल बढ़ गई जब प्रशासनिक प्रमुख ने वहां अचानक कदम रखा। यह औचक दौरा गुरुवार को दोपहर के समय करीब 2 बजकर 50 मिनट पर हुआ। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर साकेत मालवीय स्वयं अस्पताल परिसर में मौजूद रहे। उनके साथ स्थानीय प्रशासनिक अमले के प्रमुख चंदेरी के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मनीष धनगर भी थे। इसके अलावा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे डॉक्टर प्रशांत दुबे भी इस निरीक्षण दल में शामिल रहे। तीनों अधिकारियों ने मिलकर स्वास्थ्य केंद्र की वर्तमान दशा का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और वहां दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता को परखा। इस दौरान अस्पताल में मौजूद सभी लोग प्रशासनिक अधिकारियों की इस अचानक हुई जांच से पूरी तरह सक्रिय नजर आए और अपनी जिम्मेदारियों को मुस्तैदी से निभाते दिखे।
पैथोलॉजी लैब और सफाई व्यवस्था की गहन जांच
अस्पताल के भीतर कदम रखते ही जिला कलेक्टर ने बिना समय गंवाए सीधे पैथोलॉजी लैब की तरफ रुख किया। उस प्रयोगशाला के भीतर उन्होंने मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच प्रक्रियाओं का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने वहां उपलब्ध संसाधनों की सूची देखी और यह भी जाना कि मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट प्राप्त होने में कितना समय लगता है। लैब के कामकाज की समीक्षा करने के बाद उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और पूरे परिसर का मुआयना किया। इस दौरान वार्डों और परिसरों में फैली गंदगी और खराब साफ-सफाई की स्थिति को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग के तमाम जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि वे अस्पताल में नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करें। उनका स्पष्ट कहना था कि मरीजों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण मिलना चाहिए ताकि उनके स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
नए अस्पताल भवन के निर्माण कार्य पर चर्चा
निरीक्षण के इस दूसरे चरण में कलेक्टर ने चंदेरी नगर में बनने जा रहे नए अस्पताल भवन के प्रोजेक्ट पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ इस प्रस्तावित नए भवन के निर्माण कार्यों और उससे जुड़ी तमाम तैयारियों को लेकर लंबी और विस्तृत चर्चा की। इस बातचीत के दौरान नए अस्पताल भवन की निर्माण प्रगति, उसके लिए आवंटित भूमि तथा अन्य सभी तकनीकी पहलुओं की एक-एक करके गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि नए अस्पताल का निर्माण कार्य बिना किसी अनावश्यक विलंब के अतिशीघ्र पूरा किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के नागरिकों को भविष्य में आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है। इस तरह के प्रशासनिक दौरों से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आने की उम्मीद बढ़ जाती है और आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है।