प्रत्यर्पण फाइल भेजी गई
कोडीन कफ सीरप के अवैध कारोबार से जुड़े मामले में विशेष कार्य बल ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस पूरे मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अनेक महत्वपूर्ण तथ्यों और साक्ष्यों को एक साथ जुटाया है। विशेष कार्य बल ने अपनी जांच के दौरान सामने आए सभी कानूनी दस्तावेजों को पूरी तरह से संकलित किया है। इसके बाद मुख्य आरोपियों को देश वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेजों की प्रक्रिया को बहुत आगे बढ़ाया गया है। जांच अधिकारियों ने शुभम और गौरव के विरुद्ध मिले सभी साक्ष्यों को मिलाकर प्रत्यर्पण की एक मजबूत फाइल तैयार की है। यह तैयार की गई फाइल गृह विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय को भेज दी गई है। इस पूरी प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अब दोनों आरोपियों को भारत वापस लाने के लिए कानूनी कदम उठाए जाएंगे। केंद्र सरकार के स्तर पर अब निर्धारित की गई कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। दोनों आरोपियों के वर्तमान में दुबई में मौजूद होने के कारण विशेष कार्य बल लगातार संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से आरोपियों को जल्द ही भारत की धरती पर वापस लाया जा सकेगा।
आरोपियों की विशिष्ट भूमिकाएं
विशेष कार्य बल की विस्तृत जांच में इस पूरे अवैध नेटवर्क के संचालन से जुड़ी कई परतें खुलकर सामने आई हैं। जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार शुभम को इस पूरे सिंडिकेट का सबसे मुख्य आरोपी बताया गया है। वहीं दूसरी तरफ गौरव की इस नेटवर्क में भूमिका वित्तीय लेनदेन के प्रबंधन से जुड़ी हुई सामने आई है। इन दोनों मुख्य आरोपियों के अलावा चार्जशीट में विकास सिंह नर्वे और अमित जायसवाल को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने अपनी जांच के दौरान विभिन्न फर्मों के माध्यम से की गई सीरप की खरीद और बिक्री का पूरा ब्योरा जुटाया है। इसके साथ ही बिलिंग प्रक्रियाओं बैंक खातों के लेनदेन और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े तमाम दस्तावेज भी एकत्र किए गए हैं। चार्जशीट के भीतर इन सभी संदिग्ध लेनदेन बिलिंग विवरणों और फर्मों के सप्लाई नेटवर्क से जुड़े पुख्ता साक्ष्य शामिल किए गए हैं। जांच अधिकारियों ने इन सभी दस्तावेजों को कानूनी रूप से मजबूत बनाकर अदालत में पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है। विभिन्न फर्मों के माध्यम से हुए करोड़ों के इस कारोबार के हर एक पहलू की गहनता से पड़ताल की जा रही है ताकि कोई भी कड़ी छूट न पाए।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
विशेष कार्य बल का यह स्पष्ट मानना है कि दोनों मुख्य आरोपियों को भारत लाकर उनसे कड़ी पूछताछ की जानी बेहद जरूरी है। शुभम और गौरव से पूछताछ होने पर इस बड़े नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और फर्मों के नाम सामने आ सकते हैं। साथ ही वित्तीय लेनदेन से जुड़ी तमाम छुपी हुई कड़ियों की पड़ताल करने में भी बहुत बड़ी मदद मिल सकती है। अब आगामी प्रत्यर्पण की पूरी प्रक्रिया में चार्जशीट समेत जांच से जुड़े सभी दस्तावेज सबसे अहम और बड़े आधार बनेंगे। विदेश मंत्रालय के स्तर से संबंधित सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद संयुक्त अरब अमीरात की सरकार के समक्ष औपचारिक अनुरोध भेजा जाएगा। दोनों आरोपियों की भारत वापसी पूरी तरह से तय की गई कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रियाओं के सफल होने पर ही निर्भर करेगी। केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के अधिकारी संयुक्त अरब अमीरात के समकक्षों के साथ मिलकर इस मामले में आगे की कार्रवाई को गति दे रहे हैं। इस मामले के खुलासे के बाद से ही दवा व्यापार से जुड़े अवैध नेटवर्क में हड़कंप मच गया है और प्रशासन लगातार शिकंजा कस रहा है।