आलापुर बाजार में रात के वक्त हुआ भीषण हादसा
शहर कोतवाली से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित आलापुर बाजार में बुधवार की रात करीब 11 बजे अचानक तेज चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले एक बहुत जोरदार टक्कर की आवाज सुनाई दी और फिर उसके चार-पांच सेकंड के अंतराल के बाद एक और धड़ाम की भारी आवाज गूंजी। जब आसपास के लोग और राहगीर दौड़कर मौके पर पहुंचे तो उन्होंने सड़क पर एक क्षतिग्रस्त बाइक पड़ी हुई देखी। उस बाइक के पास ही दो युवक अचेत और गंभीर हालत में पड़े हुए थे, जबकि तीसरा युवक पूरी तरह से खून से लथपथ अवस्था में जमीन पर था। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर एक चार पहिया कार भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हालत में खड़ी हुई थी। चश्मदीदों ने बताया कि कार की पिछली सीट के पास एक खिलौना भी रखा हुआ था और उस गाड़ी से दो लोग बाहर निकले थे जो अपनी गोद में एक छोटे बच्चे को उठाए हुए थे। सड़क पर इस तरह के भयानक दृश्य को देखकर वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत ही सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाने की तत्काल व्यवस्था की ताकि उनकी जान बचाई जा सके। थोड़ी ही देर के भीतर स्थानीय पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई और राहत कार्यों में जुट गई।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाली स्थिति
शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पुलिसकर्मियों की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त हुए सभी वाहनों को सड़क के बीच से हटवाया। इन वाहनों के सड़क पर पड़े रहने के कारण करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह से प्रभावित रहा और गाड़ियों की आवाजाही रुक गई। शहर के बिल्कुल पास में ही हुए इस अत्यंत भीषण सड़क हादसे की खबर जैसे ही पूरे इलाके में फैली, जिला अस्पताल के बाहर भारी भीड़ का तांता लग गया। लोग लगातार अस्पताल पहुंचकर घायलों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी लेने का प्रयास करते रहे। इस गंभीर घटना की सूचना मिलते ही राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों से फोन पर बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों से घायलों के चल रहे इलाज के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की और इस दुर्घटना के असली कारणों की गहराई से जांच करवाने के निर्देश दिए। मंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि इस मामले में पूरी तरह से प्रभावी और सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। पुलिस ने भी दुर्घटना के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है और मौके से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
रोजगार की तलाश में निकले युवकों के परिवारों में मातम
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले युवक का नाम श्रवण कुमार था जो टेंट लगाने का काम करके अपना गुजर-बसर करता था। श्रवण अपने साथ गांव के अन्य मजदूरों को भी काम करवाने के लिए ले जाया करता था ताकि वे भी अपनी आजीविका चला सकें। बुधवार की सुबह करीब नौ बजे श्रवण कुमार ने अमित और धर्मराज को अपनी बाइक पर बैठाया और वे सभी लखनऊ की ओर काम के सिलसिले में रवाना हुए थे। पूरा दिन काम करने के बाद जब वे देर रात को वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी आलापुर बाजार के पास यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया। श्रवण कुमार के परिवार में उसकी पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चे मौजूद हैं जो अब इस अप्रत्याशित घटना के बाद पूरी तरह से बिखर गए हैं। जैसे ही इस भीषण सड़क दुर्घटना की मनहूस खबर उनके पैतृक गांव पहुंची, पूरे परिवार और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया और हर तरफ मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रात के समय होने वाले वाहनों के सफर को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते स्थानीय निवासियों में भारी शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।