बरद्वारी बाजार में फैली अव्यवस्था
अलीगढ़ क्षेत्र के बरद्वारी बाजार में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कार्यों की पोल खुलती नजर आ रही है। इस व्यस्त व्यावसायिक इलाके में सड़क के किनारे बड़े-बड़े सीमेंट के पत्थर और डिवाइडर पूरी तरह बेतरतीब तरीके से फेंके गए हैं। इन भारी पत्थरों और निर्माण सामग्रियों के कारण बाजार से गुजरने वाले आम नागरिकों और दुकानदारों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इसके अलावा यहाँ जल निकासी व्यवस्था की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। क्षेत्र का मुख्य नाला पूरी तरह खुला हुआ है और उसकी नियमित सफाई न होने के कारण उसमें भारी मात्रा में गंदगी तथा कचरा जमा हो गया है। इस नाले के ठीक ऊपर रखे गए भारी पत्थर अपनी जगह से हिल चुके हैं और कभी भी नीचे गिरकर किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन की इस उदासीनता के कारण यहाँ रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है और सुरक्षा का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है।
शाम के वक्त गिर रहे बाइक सवार
दिन ढलने के बाद इस मार्ग पर स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है जिससे वाहन चालकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं। स्थानीय दुकानदारों ने जानकारी देते हुए बताया कि शाम के समय कम रोशनी और सड़क पर फैले पत्थरों के कारण कई बाइक सवार असंतुलित होकर नीचे गिर चुके हैं। दोपहिया चालकों को अंधेरे में इन बड़े सीमेंट के पत्थरों और खुले नालों का अनुमान नहीं लग पाता है जिससे वे अचानक दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इन हादसों में कई चालकों को चोटें भी आई हैं और उनके वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाजार आने वाले ग्राहकों और स्थानीय व्यापारियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि विकास कार्यों के नाम पर उनकी जान जोखिम में डाली जा रही है। दुकानदारों ने कई बार आपस में चर्चा कर इन समस्याओं को उठाया है क्योंकि इस रास्ते पर रोजाना हजारों लोग खरीदारी के लिए आते हैं। किसी भी बड़े वाहन के गुजरने या भीड़भाड़ के दौरान यहाँ स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है, जिससे कभी भी कोई अनहोनी घटना घट सकती है और प्रशासन इस पर पूरी तरह से अनजान बना हुआ प्रतीत होता है।
नगर निगम से त्वरित कार्रवाई की मांग
इस गंभीर समस्या से त्रस्त होकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने अब नगर निगम प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। नागरिकों ने नगर निगम के अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि सड़क पर बेतरतीब पड़े इन सभी भारी सीमेंट के पत्थरों और डिवाइडरों को तुरंत हटाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने खुले और कचरे से अटे पड़े नाले की तत्काल प्रभाव से सफाई कराने पर भी जोर दिया है ताकि जलभराव और गंदगी से मुक्ति मिल सके। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इन खतरनाक पत्थरों को रास्ते से हटा लिया जाए और नाले को ढक दिया जाए, तो किसी भी बड़े और संभावित हादसे से आसानी से बचा जा सकेगा। व्यापारी संघ और स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उन्हें मजबूरन बड़ा विरोध प्रदर्शन करना पड़ेगा। स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले इन विकास कार्यों में इस तरह की लापरवाही स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।