राजधानी और तराई क्षेत्रों का हाल
राजधानी लखनऊ में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की वर्षा होने की पूरी संभावना है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। तराई के इलाकों में मौसम विभाग द्वारा बारिश को लेकर किसी भी प्रकार की गंभीर चेतावनी जारी नहीं की गई है। इस बदलाव के दौरान दिन और रात के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की खासी गिरावट दर्ज की जा सकती है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार अगले बारह घंटे तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है। इसके तुरंत बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण बारिश का नया दौर शुरू होने की पूरी उम्मीद है जिससे मौसम में ठंडक बढ़ेगी। बुधवार को राजधानी लखनऊ में दिन का अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था जबकि रात का न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे ही बना हुआ है जो इस महीने की सामान्य स्थिति से अलग है। इन सभी मौसमी बदलावों पर मौसम विभाग लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है ताकि आम जनता को समय रहते उचित जानकारी दी जा सके।
गुरुवार को इन जिलों में होगी बारिश
आने वाले गुरुवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ने का अनुमान है। इस दौरान सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत और मेरठ जैसे जिलों में ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर और मथुरा के कई इलाकों में भी तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। हाथरस, आगरा और बिजनौर समेत अन्य कई जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने के पूरे पूर्वानुमान जताए गए हैं। प्रशासन और मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि अचानक आने वाली इस आंधी और बारिश से जनजीवन पर असर पड़ सकता है। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा को लेकर खास एहतियात बरतने की जरूरत होगी क्योंकि ओलावृष्टि और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इन सभी जिलों में बुधवार से ही बादलों का डेराटना शुरू हो चुका है और हवा की गति में भी धीरे-धीरे तेजी आनी शुरू हो गई है। मौसम विभाग की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि पश्चिमी विक्षोभ का यह प्रभाव काफी सक्रिय रहेगा और इसका असर इन निर्दिष्ट जिलों में स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा जिसके लिए सभी संबंधित विभागों को भी पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है।
शुक्रवार के बाद थमेगा बारिश का दौर
ओलावृष्टि, तेज हवाओं और हल्की बारिश का यह पूरा दौर शुक्रवार के बाद धीरे-धीरे थम जाएगा। शनिवार से आसमान पूरी तरह से साफ हो जाएगा और एक बार फिर से तेज धूप खिलने की संभावना है। हालांकि धूप निकलने के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में सुबह और शाम के समय अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे लुढ़का रहेगा जिससे सिहरन महसूस होगी। तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिन इलाकों में बारिश दर्ज की जाएगी, वहां शनिवार के बाद मौसम में एक अलग ही शुष्कता और ठंडक देखने को मिलेगी। मौसम वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि 17 तारीख से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आसमान पूरी तरह से साफ हो जाने के कारण दिन के समय हल्की गर्माहट तो महसूस होगी लेकिन सुबह के वक्त हल्की ठंडक बनी रहेगी। बुधवार को दर्ज किए गए तापमान और आने वाले दिनों के पूर्वानुमान का यदि मिलान किया जाए तो यह स्पष्ट हो जाता है कि राज्य में सर्दी के आगमन की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है। आम नागरिकों को इस बदलते मौसम के दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। मौसम विभाग की इस ताजा रिपोर्ट के बाद लोगों ने अपनी सर्दियों की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं ताकि इस बार के मौसम बदलाव का सामना पूरी मुस्तैदी के साथ किया जा सके।