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मौसम में बदलाव: 16 जिलों में बारिश का अलर्ट और लखनऊ में बाढ़ का प्रकोप

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। मौसम विभाग ने आज कई इलाकों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। एक तरफ जहां बारिश से मौसम सुहाना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ बाढ़ के पानी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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Ankit Yadav
15 अक्ट 2026, 12:43
मौसम में बदलाव: 16 जिलों में बारिश का अलर्ट और लखनऊ में बाढ़ का प्रकोप

मौसम विभाग का अलर्ट और जिलों में बारिश

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है जिसके कारण लोगों को सर्दी और ठंडक का अहसास होने लगा है। आज सुबह से ही मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली समेत सात शहरों में तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर लगातार बारिश हो रही है जिससे सड़कों पर पानी भर गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज कुल तेईस जिलों में भारी आंधी और बारिश के साथ-साथ ओले गिरने का भी एक विशेष अलर्ट जारी किया है। कई संवेदनशील इलाकों में आसमान से तेज बिजली गिरने की भी पूरी आशंका जताई गई है जिससे प्रशासन और आम लोग सतर्क हो गए हैं। इस अचानक हुए बदलाव से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया है। स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को सुबह-सुबह इस बारिश के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। किसानों के खेतों में भी इस पानी से कुछ फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है क्योंकि कटाई के समय इस तरह की बेमौसम बरसात नुकसान पहुंचा सकती है। स्थानीय प्रशासन ने भी खराब मौसम को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी घटना से बचा जा सके और यातायात को सुचारू रखा जा सके।

वाराणसी के वैज्ञानिक का बयान और सिस्टम

वाराणसी के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने इस बदलाव के पीछे के मुख्य कारणों की पूरी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है जिसके कारण उत्तर भारत के मौसम में यह बड़ा बदलाव आया है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाएं अपने साथ भारी मात्रा में नमी लेकर आ रही हैं जो इस सिस्टम को और अधिक मजबूत कर रही हैं। इन दोनों बड़े मौसमी कारकों के आपसी असर से आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम इलाकों में बारिश का यह नया सिस्टम काफी मजबूत हो चुका है। कल के दिन पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके बाद मौसम विभाग का यह भी कहना है कि धीरे-धीरे यह पूरा सिस्टम आगे निकल जाएगा और आसमान बिल्कुल साफ हो जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान हवा की गति काफी तेज रहने वाली है जिससे लोगों को आवागमन में थोड़ी सावधानी रखनी होगी। वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार इस प्रकार का मौसमी बदलाव अक्टूबर के महीने में नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मेल के कारण ही देखने को मिलता है जिससे तापमान में अचानक से काफी कमी आ जाती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलती है।

लखनऊ में बाढ़ और डेंगू का बढ़ता खतरा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मौसम के इन बदलावों के बीच बाढ़ की स्थिति अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है। हालांकि गोमती नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे घटने जरूर लगा है, लेकिन फैजुल्लागंज इलाके में तीन लाख से ज्यादा आबादी अभी भी बुरी तरह प्रभावित है। लोगों के घरों के अंदर उन्नीसवें दिन भी तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है जिससे उनका जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि प्रभावित इलाकों की गलियों और मोहल्लों में आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। पानी के लंबे समय तक जमा रहने के कारण अब इलाके में डेंगू का खतरा भी तेजी से बढ़ने लगा है जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान ही इलाके में डेंगू के दस नए मामले सामने आ चुके हैं जिनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है। स्थानीय नागरिक घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं और उन्हें खाने-पीने की जरूरी चीजों के लिए भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। प्रशासन द्वारा राहत सामग्री तो पहुंचाई जा रही है, लेकिन जलभराव की इस विकट समस्या से पूरी तरह निजात मिलने में अभी कुछ और दिनों का समय लग सकता है जिससे लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है।

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