पर्वतों पर बर्फबारी और बारिश का कहर
देश के उत्तर से लेकर दक्षिण तक मौसम ने अचानक करवट ले ली है जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन की ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है जिससे वहां का तापमान तेजी से नीचे आ गया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित प्रसिद्ध रोहतांग दर्रे के साथ-साथ लाहौल-स्पीति तथा चंबा के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में भी हिमपात होने की आधिकारिक पुष्टि की गई है। इन ठंडे इलाकों में लगातार हो रही हल्की बारिश और बर्फबारी के कारण चारों तरफ ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग का यह अनुमान है कि आगामी 13 अक्टूबर तक राज्य के चुनिंदा स्थानों पर छिटपुट से लेकर मध्यम स्तर की वर्षा और बर्फ गिरने की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यटकों को इन पहाड़ी इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि रास्तों पर फिसलन बढ़ सकती है और आवाजाही में परेशानी आ सकती है। दूसरी तरफ दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भी बारिश का सिलसिला लगातार बना हुआ है।
कई राज्यों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार देश के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी मौसमी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। लक्षद्वीप, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल जैसे दक्षिणी हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ भारी बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। इन सभी तटीय और मैदानी इलाकों के लिए विशेष तौर पर येलो अलर्ट घोषित किया गया है क्योंकि वहां चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा तथा पश्चिमी राजस्थान के कुछ खास हिस्सों में तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। आंध्र प्रदेश के कुछ मैदानी भागों में जमीन के ठीक ऊपर हवा का दबाव अधिक रहने और तेज सतही हवाएं चलने की उम्मीद जताई गई है। संबंधित विभागों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
राज्यों में बारिश का समय और दिल्ली का हाल
विभिन्न राज्यों के लिए जारी विस्तृत समय सारिणी के अनुसार बारिश का यह दौर आगामी दिनों तक अलग-अलग तारीखों पर सक्रिय रहेगा। केरल और माहे क्षेत्र में ग्यारह से चौदह अक्टूबर के बीच लगातार बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। झारखंड राज्य में ग्यारह से तेरह अक्टूबर तक वर्षा का दौर चल सकता है जबकि बिहार में ग्यारह अक्टूबर के बाद पंद्रह और सोलह अक्टूबर को भी बारिश होने के आसार हैं। ओडिशा में ग्यारह से सोलह अक्टूबर के लंबे अंतराल के दौरान रुक-रुक कर पानी बरस सकता है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी निर्धारित तिथियों पर गरज के साथ बौछारें पड़ने की बात कही गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो वहां आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान बत्तीस से चौंतीस डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान बाईस से चौबीस डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। दिल्ली में अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है और दिन के समय अठारह से बाईस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलती रहेंगी।