दिल्ली एनसीआर में मौसम का हाल
दिल्ली और उसके आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली है जिसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय निवासियों को इस बदलाव के कारण ठंडक का अहसास होने लगा है और सुबह के समय हल्का कोहरा या धुंध भी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक कमी आ सकती है। इस बदलाव से हवा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। प्रशासन और स्थानीय नागरिक इस अचानक हुए बदलाव के बाद अपनी तैयारियों में जुट गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में ठंडी हवाएं चलने लगी हैं जिससे मौसम सुहाना हो गया है और लोगों ने राहत की सांस ली है। इस तरह के बदलाव आमतौर पर सर्दियों की शुरुआत का संकेत देते हैं और इस बार भी मौसम कुछ ऐसा ही रुख अपना रहा है। वाहन चालकों को भी सुबह के वक्त गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है क्योंकि कई जगहों पर दृश्यता कम हो गई है।
देश के 22 राज्यों में बारिश का अलर्ट
भारत के कुल 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जिससे संबंधित विभागों को पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है। इन राज्यों में लगातार हो रही मौसमी हलचल के कारण निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका जताई जा रही है। आपदा प्रबंधन टीमों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की सलाह दी गई है ताकि भारी बारिश से नुकसान को कम किया जा सके। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा के ऊपरी चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण इन राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। तटीय क्षेत्रों और पर्वतीय अंचलों में सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। रेल और सड़क यातायात पर भी इस बारिश का असर पड़ सकता है इसलिए संबंधित अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आम जनता से अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें।
हिमाचल से कश्मीर तक भारी बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश से लेकर कश्मीर तक के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है जिससे चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। इस बर्फबारी के कारण पहाड़ी इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है और स्थानीय जनजीवन पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। देश के मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ाने के लिए इन पहाड़ी राज्यों की बर्फबारी को मुख्य जिम्मेदार माना जाता है क्योंकि वहां से आने वाली ठंडी हवाएं तापमान गिरा देती हैं। पर्यटकों ने इस बर्फबारी का आनंद लेना शुरू कर दिया है और बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी स्थलों का रुख कर रहे हैं। हालांकि बर्फबारी के कारण कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं जिन्हें साफ करने के लिए सीमा सड़क संगठन और स्थानीय प्रशासन लगातार काम कर रहा है। बिजली और पानी की आपूर्ति को बहाल रखने के लिए भी विशेष टीमों को तैनात किया गया है ताकि किसी को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में इन बर्फीले इलाकों में ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ सकता है।