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मौसम की मार: देहरादून में बारिश का दौर जारी, फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मानसूनी बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की कोई खास उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
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Ankit Yadav
01 सित 2026, 19:50
उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम का मिजाज लगातार कड़ा बना हुआ है। खासकर राजधानी देहरादून और उसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर लगातार जारी है। सावन और भादों के इस महीने में बादलों की आवाजाही और लगातार हो रही बौछारों ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोगों को गर्मी और उमस से भले ही कुछ समय के लिए निजात मिली हो, लेकिन लंबे समय से जारी इस मानसूनी गतिविधि के कारण रोजमर्रा के कामकाज में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि इस स्थिति में अभी और कुछ दिनों तक बदलाव होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
जनजीवन पर असर और आवागमन में बाधा
देहरादून में लगातार हो रही बरसात की वजह से शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या पैदा हो गई है। सड़कों पर जलभराव के चलते यातायात की गति धीमी पड़ गई है, जिससे ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण पर्वतीय मार्गों पर भी भूस्खलन और पत्थरों के गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे चारधाम यात्रा और अन्य स्थानीय मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। स्थानीय नगर निगम और प्रशासन की टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं, लेकिन प्रकृति के इस लगातार तांडव के आगे व्यवस्थाएं भी कई बार बौनी साबित होती नजर आती हैं। मौसम के इस कड़े तेवर ने पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि और बागवानी को भी आंशिक रूप से प्रभावित किया है, क्योंकि अत्यधिक पानी फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान और चेतावनी
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, देहरादून समेत राज्य के कई अन्य जिलों में भी अगले कुछ दिनों तक आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही तीव्र बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की टर्फ रेखा फिलहाल इस क्षेत्र के अनुकूल बनी हुई है, जिसके कारण नमी से भरी हवाएं लगातार पहाड़ों से टकरा रही हैं और लगातार बादलों का निर्माण हो रहा है। इस परिस्थिति के चलते तापमान में भी सामान्य से थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन लगातार भीगते रहने के कारण लोगों को सर्दी-जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस दौरान नागरिकों से अपील की है कि वे बाहर का खुला खाना खाने से बचें और पीने के पानी को उबालकर ही इस्तेमाल करें ताकि किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी से बचा जा सके।
प्रशासनिक तैयारियां और एहतियाती कदम
लगातार बारिश के इस दौर को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों को विशेष रूप से तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य चलाया जा सके। जिलाधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी के लिए तुरंत कदम उठाएं और बिजली तथा पानी जैसी बुनियादी सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए बैकअप योजना तैयार रखें। नागरिकों से भी यह विशेष अनुरोध किया गया है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और खराब मौसम के दौरान पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से पूरी तरह परहेज करें। आने वाले दिनों में यदि बारिश का यह सिलसिला और अधिक तीव्र होता है, तो प्रशासन शिक्षण संस्थानों में छुट्टियों या अन्य कड़े कदम उठाने पर भी विचार कर सकता है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।