Lucknow Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी के शौर्य और बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की वीरांगनाओं का इतिहास इस बात का प्रमाण है कि मातृशक्ति किसी से कम नहीं है। रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना ऊदा देवी और झलकारीबाई जैसी महिलाओं ने अपने साहस और नेतृत्व से समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अवसर मिले तो वे जीवन के हर क्षेत्र में सफल नेतृत्व कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान को प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ मिशन शक्ति अभियान इसी सोच का हिस्सा है।
इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि अच्छी सरकार का काम सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू करना भी है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के शासन में दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली पीएसी की कई कंपनियों को समाप्त कर दिया गया था। भाजपा सरकार ने पीएसी की सभी 54 कंपनियों को फिर से संगठित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बेटियों को भी पीएसी में नेतृत्व का अवसर दिया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश में तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है।
पहली बटालियन लखनऊ, दूसरी गोरखपुर और तीसरी बदायूं में स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि बदायूं की महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर रखा गया है और वहां उनकी अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी चल रही है। लखनऊ की महिला पीएसी वाहिनी वीरांगना ऊदा देवी पासी और गोरखपुर की महिला पीएसी वाहिनी वीरांगना झलकारीबाई कोरी के नाम पर है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार 50 हजार स्नातक बेटियों को स्कूटी प्रदान करने जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास बेटियों को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी मजबूत भूमिका निभाने का अवसर देंगे।