Lucknow Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े मामलों में लोगों को बार-बार तारीख के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। पांच साल से अधिक पुराने सभी राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर समयबद्ध तरीके से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री शनिवार देर शाम शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलों में तैनात पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खासकर अविवादित वरासत के मामलों को मिशन मोड में निस्तारित किया जाए। जिलाधिकारियों को अपने जिलों में राजस्व न्यायालयों की कोर्टवार समीक्षा करने और लंबित मामलों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई और आईजीआरएस से जुड़ी शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या के समाधान के साथ होना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी शिकायत को बंद करने से पहले संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों की पूरी जांच की जाए।
गलत रिपोर्ट या बिना जरूरी जांच के बंद किए गए मामलों पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं के मामलों की दोबारा जांच होगी। ऐसे मामलों में संबंधित जिलाधिकारी या पुलिस कप्तान से पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अपराध में कमी, लेकिन निगरानी जारी रखने के निर्देश समीक्षा में बताया गया कि 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 3.9 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है। अनुसूचित जाति और जनजाति के खिलाफ अपराधों में भी 11.2 प्रतिशत की कमी बताई गई। मुख्यमंत्री ने जोन और रेंज स्तर पर हर सप्ताह क्राइम एनालिसिस करने के निर्देश दिए। महिला और बाल अपराधों में तेजी से और संवेदनशील तरीके से कार्रवाई करने, महिला बीट पुलिस अधिकारियों की सक्रियता बढ़ाने तथा छेड़खानी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जन्माष्टमी और गणेश विसर्जन के लिए विशेष तैयारी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा-वृंदावन में विशेष भीड़ प्रबंधन योजना बनाने को कहा गया है।
बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग प्लान और जरूरत के अनुसार होल्डिंग एरिया बनाने के निर्देश दिए गए। वृंदावन में नया पुलिस सर्किल बनाने और मथुरा-वृंदावन के लिए अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट तैनात करने को भी कहा गया। गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन तारों और उफनती नदियों को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और अराजक तत्वों पर नजर रखने को कहा गया। माफिया और संवेदनशील मामलों पर 24 घंटे नजर मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रखने को कहा। गो-तस्करी, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ और महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर पुलिस-प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। स्लाटर हाउस की औचक जांच और गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई करने को भी कहा गया। बैठक में चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी में बाढ़ राहत कार्यों की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में गर्म और पर्याप्त भोजन, अस्पतालों में एंटी-वेनम व एंटी-रेबीज की उपलब्धता और बाढ़ के बाद बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए।