'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर
'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?
अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा
स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...
गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत
यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम
PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...
ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
अंतरराष्ट्रीय खबरें: ट्रंप का बचपन का घर 20 लाख डॉलर में बिका और ब्रिटिश पायलटों को फास्ट जेट उड़ाना सिखाएगा भारत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज की बड़ी खबरों में अमेरिका के नवनिर्वाचित या पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी एक दिलचस्प संपत्ति की बिक्री और भारत तथा ब्रिटेन के रक्षा सहयोग से जुड़ी एक अहम उपलब्धि सामने आई है, जिसमें ब्रिटिश पायलटों को भारत द्वारा फास्ट जेट उड़ाने का प्रशिक्षण दिए जाने का बड़ा ऐलान किया गया है।
A
Ankit Yadav
14 सित 2026, 12:17
वैश्विक मंच पर हाल ही में घटित दो अलग-अलग घटनाओं ने खासी सुर्खियां बटोरी हैं, जिनमें एक तरफ अमेरिकी राजनीति से जुड़ी एक पुरानी याद से जुड़ाव है तो दूसरी तरफ भारतीय रक्षा बलों की बढ़ती वैश्विक ताकत और साख का प्रमाण मिलता है। पहली घटना अमेरिका से है जहां अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बचपन का घर खासी ऊंची कीमत पर बिका है। इस ऐतिहासिक और पुरानी संपत्ति के लिए खरीदार ने दो मिलियन यानी बीस लाख अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम रकम चुकाई है, जो इस भवन के ऐतिहासिक महत्व और ट्रंप के शुरुआती जीवन से जुड़े होने के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है। इस घर को लेकर रियल एस्टेट बाजार में काफी समय से उत्सुकता बनी हुई थी और अंततः यह सौदा दो लाख डॉलर में पूरा हो गया।
रक्षा क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग
दूसरी बड़ी खबर रक्षा और कूटनीति के मोर्चे से आ रही है, जो भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच गहरे होते सामरिक संबंधों को दर्शाती है। हालिया समझौतों के तहत अब भारत ब्रिटिश सेना के पायलटों को अत्याधुनिक और तेज रफ्तार फास्ट जेट विमानों का संचालन करने का प्रशिक्षण प्रदान करेगा। यह कदम दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को एक नए और ऊंचे स्तर पर ले जाने का काम करेगा। भारतीय रक्षा संस्थानों और वायु सेना की उच्च स्तरीय क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए ब्रिटेन ने अपने पायलटों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी भारत को सौंपी है, जिसे रक्षा विशेषज्ञों द्वारा भारत की तकनीकी और रणनीतिक दक्षता की एक बड़ी वैश्विक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
इन दोनों ही घटनाओं का अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। एक तरफ जहां अमेरिकी घरेलू राजनीति और सांस्कृतिक इतिहास से जुड़े स्थलों की कीमतें और उनका रखरखाव बहस का मुद्दा रहता है, वहीं दूसरी तरफ भारत का रक्षा क्षेत्र में एक 'ट्रेनर' के रूप में उभरना पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहा है। उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में भी इन रक्षा समझौतों को लेकर काफी सकारात्मक चर्चाएं हो रही हैं, क्योंकि इससे ग्लोबल डिफेंस मार्केट में भारत की पकड़ और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आने वाले दिनों में इन दोनों मामलों के और अधिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। जहां ट्रंप के बचपन के इस घर को देखने और इसके बारे में जानने के लिए पर्यटकों व समर्थकों की भीड़ जुट सकती है, वहीं भारत और ब्रिटेन के बीच इस डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम के शुरू होने से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा रिश्तों में और अधिक प्रगाढ़ता आने की पूरी संभावना है। दोनों ही देशों की सरकारों और रक्षा मंत्रालयों ने इस दिशा में आपसी समन्वय को और बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे आने वाले समय में सैन्य आदान-प्रदान के नए रास्ते खुलेंगे।