कंटाप
NEWS
शनिवार, 12 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
ब्रिक्स समिट में बड़े नेता आ गए लेकिन भारत के लिए अब भी कई चीज़ें हैं दांव पर      BRICS करेंसी का समिट में रखा गया प्रस्ताव? भारत ने साफ किया रुख, बताया नई दिल्ली डिक्लेरेशन पर कैसे बनी सहमति      आकाश के बाद ईशान को मायावती ने किया दरकिनार, अब दीपिका की मदद लेंगी BSP चीफ      EXCLUSIVE: 'मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं या नहीं?' ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने किया खुलासा      शी जिनपिंग की भारत यात्रा और ब्रिक्स 2026 को चीन का मीडिया कैसे देख रहा है      सीमा हैदर का पति सचिन कहां गया, बेडरूम में दिखी वकील एपी सिंह की तस्वीर      सेमीकंडक्टर से लेकर माइनिंग और मिसाइल तक, BRICS से इतर PM मोदी की ताबड़तोड़ द्विपक्षीय बैठकें      नंदीग्राम पर ममता ने साधी चुप्पी, उधर कांग्रेस ने उतार दिया उम्मीदवार; शुभेंदु के गढ़ में महासंग्राम     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
क्राइम ब्रेकिंग

करोड़ों का फर्जीवाड़ा: हिमाचल में 6.55 करोड़ के आईटीसी नेटवर्क का भंडाफोड़, फार्मा कंपनी का एमडी गिरफ्तार

हिमाचल प्रदेश में कर चोरी और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए अधिकारियों ने 6.55 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) नेटवर्क का पर्दाफाश किया है और एक प्रमुख दवा निर्माता कंपनी के प्रबंध निदेशक को धर दबोचा है।

A
Ankit Yadav
12 सित 2026, 12:26
करोड़ों का फर्जीवाड़ा: हिमाचल में 6.55 करोड़ के आईटीसी नेटवर्क का भंडाफोड़, फार्मा कंपनी का एमडी गिरफ्तार
हिमाचल प्रदेश में आर्थिक अपराधों और कर चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियानों के तहत राज्य के जांच अधिकारियों को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। अधिकारियों ने एक ऐसे अंतर-राज्यीय और जटिल वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है, जिसके जरिए सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाया जा रहा था। इस पूरे मामले में कुल 6.55 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े लेन-देन सामने आए हैं, जिसने वित्तीय और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। टैक्स चोरी के इस जाल को बेहद सुनियोजित तरीके से फैलाया गया था, जिसमें कागजी कंपनियों और फर्जी बिलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था ताकि अधिकारियों की नजरों से बचा जा सके।

फार्मा कंपनी के एमडी की गिरफ्तारी

जांच एजेंसियों द्वारा की गई त्वरित और पुख्ता कार्रवाई के बाद एक प्रतिष्ठित फार्मास्युटिकल कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुरुआती जानकारियों के मुताबिक, इस आरोपी की इस पूरे फर्जीवाड़े के संचालन में मुख्य भूमिका थी और वह लंबे समय से इस तरह की अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के तार कई अन्य राज्यों और संदिग्ध लोगों से जुड़े हो सकते हैं, जो इस अवैध कारोबार में संलिप्त थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य चेहरों और सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग जुटाए जा सकें। जांच दल यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इस अवैध नेटवर्क के जरिए अब तक कुल कितना वित्तीय लाभ उठाया गया है और इसमें कौन-कौन से अन्य लोग या व्यावसायिक इकाइयां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थीं।

वित्तीय प्रणाली को नुकसान और आगे की कार्रवाई

इस तरह के फर्जी आईटीसी नेटवर्क देश की अर्थव्यवस्था और कर प्रणाली को गहरा आघात पहुंचाते हैं। बिना किसी वास्तविक वस्तु या सेवा के केवल फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों का इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करना एक गंभीर अपराध है। कर अधिकारियों और पुलिस बल द्वारा इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े सभी दस्तावेजों, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड्स की गहनता से फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह के अन्य कारनामों को रोका जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। राज्य प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वित्तीय धोखाधड़ी और कर चोरी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज