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रक्षा और सुरक्षा

सैन्य मजबूती: टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स देश में ही बनाएगी जैवलिन मिसाइल

भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) ने महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसके तहत अब देश के भीतर ही अत्याधुनिक जैवलिन मिसाइलों का निर्माण किया जाएगा।

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Ankit Yadav
31 अग 2026, 15:26
सैन्य मजबूती: टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स देश में ही बनाएगी जैवलिन मिसाइल
भारतीय रक्षा निर्माण क्षेत्र के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मील का पत्थर साबित होने वाला समझौता है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने वैश्विक स्तर पर रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियों के साथ मिलकर देश में ही जैवलिन मिसाइलों के उत्पादन की योजना पर मुहर लगाई है। इस रणनीतिक पहल से न केवल घरेलू स्तर पर हथियारों का उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को भी एक नई और अभूतपूर्व गति मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। वर्तमान समय में देश अपनी रक्षा आवश्यकताओं के लिए स्वदेशीकरण पर सबसे अधिक जोर दे रहा है और यह समझौता उसी नीति का एक प्रत्यक्ष परिणाम माना जा रहा है।

आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम

देश की सामरिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाए गए इस कदम के दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब इस प्रकार के उन्नत हथियार भारत की अपनी विनिर्माण इकाइयों में तैयार होंगे, तो विदेशी रक्षा उपकरणों पर निर्भरता में काफी हद तक कमी आएगी। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स द्वारा उठाया गया यह बड़ा कदम इस बात का प्रमाण है कि भारतीय उद्योग जगत वैश्विक रक्षा दिग्गजों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने और उच्च तकनीकी वाले हथियार प्रणालियों को देश में ही विकसित करने में पूरी तरह सक्षम हो चुका है। इससे देश के भीतर तकनीकी हस्तांतरण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस नए रक्षा समझौते के धरातल पर उतरने से भारतीय थल सेना की मारक क्षमता में कई गुना इजाफा होना तय है। जैवलिन जैसी टैंक-भेदी मिसाइलें आधुनिक युद्धक्षेत्र में अपनी अचूक मारक क्षमता और पोर्टेबिलिटी के लिए विश्वभर में जानी जाती हैं। जब ऐसी मिसाइलें देश की अपनी फैक्ट्रियों में मेक इन इंडिया पहल के तहत बनाई जाएंगी, तो सेना की साजो-सामान की आपूर्ति श्रृंखला और अधिक मजबूत तथा निर्बाध हो जाएगी। आपातकालीन परिस्थितियों में रक्षा उपकरणों की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिहाज से भी यह अनुबंध बेहद अहम भूमिका निभाएगा।

भविष्य की रक्षा तैयारियां

आने वाले समय में इस समझौते के तहत उत्पादन कार्यों में तेजी लाए जाने की संभावना है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड इस परियोजना के माध्यम से न केवल देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि भविष्य में रक्षा उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं को भी टटोलेगी। भारत सरकार लगातार ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित कर रही है जो देश को रक्षा उत्पादन के मामले में वैश्विक हब बना सकें। इस दिशा में यह समझौता एक मजबूत नींव का काम करेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और रक्षा अनुसंधान एवं विकास को भी जबरदस्त प्रोत्साहन मिलेगा।
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