राजस्थान के ऐतिहासिक शहर जयपुर में नगर निगम हेरिटेज और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज सुबह एक विशेष हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया। इस वॉक की शुरुआत प्रसिद्ध हवा महल से हुई जो शहर के परकोटे के भीतर विभिन्न ऐतिहासिक बाजारों और हवेलियों से होते हुए जोरावर सिंह गेट पर समाप्त हुई। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और इतिहास प्रेमियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को जयपुर की समृद्ध वास्तुकला, संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली से अवगत कराना है।
पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन
हेरिटेज वॉक के मार्ग में आने वाले पारंपरिक बाजारों जैसे जौहरी बाजार और त्रिपोलिया बाजार में स्थानीय कलाकारों ने कठपुთली कला, लोक संगीत और पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। पर्यटकों ने राजस्थानी हस्तशिल्प और ब्लॉक प्रिंटिंग की लाइव कला को बेहद करीब से देखा। जयपुर नगर निगम की मेयर ने बताया कि शहर की ऐतिहासिक इमारतों के पुनरुद्धार और रंगरोगन का कार्य अंतिम चरण में है ताकि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की खूबसूरती बरकरार रहे। उन्होंने दुकानदारों से भी अपील की कि वे अपनी दुकानों के साइनबोर्ड पारंपरिक शैली में ही रखें ताकि शहर की मूल पहचान बनी रहे।
स्वच्छता और जन जागरूकता का संदेश
इस आयोजन के माध्यम से परकोटे के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने का संदेश भी दिया गया। निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर्स ने पर्यटकों और दुकानदारों को डस्टबिन का उपयोग करने और सिंगल-यूज प्लास्टिक का त्याग करने की शपथ दिलाई। वॉक के दौरान पर्यटकों ने पुरानी हवेलियों की नक्काशी और पारंपरिक दरवाजों की फोटोग्राफी की और इस अनूठे आयोजन की प्रशंसा की। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से राजस्थान के स्थानीय पर्यटन उद्योग को एक नई गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।