नेपाल में बाढ़: चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया
Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में निभाई दोस्ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे दिल्ली
भारत में भी हो सकती है नेपाल जैसी तबाही, उत्तराखंड में 219 हैंगिंग ग्लेशियर; UP-बिहार पर खतरा
मेरे भाग्य में आंदोलनों से निपटना लिखा है, अमित शाह मुस्कुराते हुए क्यों बोले ऐसा?
ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान
₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...
सोनिया गांधी के संस्मरण 'बिलॉन्गिंग' को न छापने की रिपोर्ट पर पब्लिकेशन कंपनी ने जारी किया बयान
अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे के नतीजों ने चौंकाया
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
मौसम का कहर: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से 91 सड़कें बंद और 60 डीटीआर प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश का कहर लगातार जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण यातायात और बिजली व्यवस्था चरमरा गई है।
A
Ankit Yadav
28 अग 2026, 16:22
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के तल्ख तेवर थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और रास्तों के अवरुद्ध होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, ताज़ा बारिश के प्रभाव से पूरे प्रदेश में कुल 91 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं। इन महत्वपूर्ण मार्गों के बंद होने के कारण स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, और कई दूरदराज के इलाके मुख्य शहरों से कट गए हैं।
बिजली और जलापूर्ति पर बड़ा असर
परिवहन मार्गों के अलावा बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है। बिजली वितरण प्रणाली बुरी तरह प्रभावित हुई है, और राज्यभर में लगभग 60 डीटीआर यानी डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से कई इलाकों में अंधेरा छा गया है, जिससे दैनिक कार्य और व्यावसायिक गतिविधियां रुक गई हैं। इसके साथ ही, पेयजल योजनाओं पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है और कम से कम चार प्रमुख पेयजल परियोजनाएं पूरी तरह से प्रभावित हुई हैं। इन पेयजल योजनाओं के ठप होने से प्रभावित क्षेत्रों में साफ पानी की किल्लत पैदा होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे प्रशासन की चिंताएं और अधिक गहरी हो गई हैं।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सड़क मार्गों को बहाल करने और ठप पड़ी बिजली तथा जलापूर्ति को सुचारू रूप से शुरू करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को मशीनरी के साथ संवेदनशील स्थलों पर तैनात किया गया है, ताकि जैसे ही मौसम में थोड़ा सुधार हो, तुरंत राहत और बहाウ का काम शुरू किया जा सके। हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण मलबा हटाने के इस अभियान में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, जिससे काम की गति धीमी हो गई है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर से रेड और येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की है। नागरिकों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से यात्रा करने से बचें और भूस्खलन की आशंका वाले पहाड़ी रास्तों की तरफ जाने से पूरी तरह परहेज करें। स्थानीय प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय कर दिए हैं ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।