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प्रकृति का कहर: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से 91 सड़कें बंद, बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी गहरा असर

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं और बुनियादी सेवाएं चरमरा गई हैं।

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Ankit Yadav
28 अग 2026, 16:05
प्रकृति का कहर: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से 91 सड़कें बंद, बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी गहरा असर
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार मानसूनी बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है, जिसके कारण पहाड़ी क्षेत्रों में स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। मौसम की इस मार ने आम नागरिकों की दैनिक गतिविधियों को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बौछारों और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन जैसी घटनाओं के चलते परिवहन व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्रशासन की चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग लगातार बहाली के काम में जुटे हुए हैं ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।

सड़कों और बिजली पर संकट

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार, खराब मौसम और भारी बारिश की वजह से पूरे प्रदेश में कुल 91 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं। कई स्थानों पर बड़े-बड़े बोल्डर गिरने और मलबा आने से मार्गों पर आवागमन ठप हो गया है, जिससे दूरदराज के इलाकों का संपर्क मुख्य शहरों से कट गया है। इसके अलावा, बिजली वितरण प्रणाली को भी करारा झटका लगा है और राज्यभर में लगभग 60 डीटीआर यानी डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते कई गांवों में अंधेरा छा गया है। ऊर्जा विभाग के कर्मचारी बिजली आपूर्ति को सुचारू करने के लिए लगातार क्षेत्र में डटे हुए हैं, लेकिन लगातार गिरते मलबे के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है। पेयजल योजनाओं पर भी इस मानसूनी आपदा का बुरा असर देखा जा रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की कम से कम 4 प्रमुख पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं, जिससे स्थानीय आबादी को शुद्ध पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। जल शक्ति विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए पानी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं ताकि नागरिकों को अधिक परेशानी न उठानी पड़े। पहाड़ी इलाकों में अक्सर इस मौसम में जल स्रोतों में गाद भर जाने से या पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति बाधित हो जाती है, जिसे ठीक करने में तकनीकी टीमों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की चेतावनी दी है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। जिला प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को अनावश्यक रूप से पहाड़ी रास्तों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की तरफ यात्रा करने से बचने की सख्त सलाह दी है। सरकार और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके और आम जनता को सुरक्षित रखा जा सके।
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