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महंगाई की मार: कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महंगा होने से रेस्तरां का खाना और हवाई सफर हुआ महंगा
देशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। एलपीजी के दाम बढ़ने से होटल और रेस्तरां में खान-पान की चीजें महंगी हो गई हैं, साथ ही हवाई यात्रा का सफर भी महंगा कर दिया गया है।
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Ankit Yadav
01 सित 2026, 12:18
देश के वाणिज्यिक क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी सिलिंडर के दाम बढ़ाए जाने के बाद से आम जनता और व्यापारियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस ताजा बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, ढाबा और रेस्तरां संचालकों के कामकाज पर पड़ रहा है। गैस की कीमतें बढ़ने के कारण व्यावसायिक संस्थानों को अपने परिचालन खर्चों में भारी वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव ग्राहकों पर पड़ रहा है और बाहर खाना-पीना महंगा हो गया है। इसके अलावा, विमानन क्षेत्र से जुड़ी लागतों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है, जिसके चलते हवाई सफर के किराए पर भी इसका बोझ बढ़ गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तीखे तंज
व्यवसायिक गैस सिलिंडर के दाम में हुई इस बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कड़े तंज कसे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और सरकार आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों से कड़े शब्दों में सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा है कि इस तरह के फैसलों से मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ बढ़ रहा है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि एलपीजी जैसी आवश्यक और व्यावसायिक ऊर्जा के दामों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर समग्र अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। जब व्यावसायिक गैस महंगी होती है, तो परिवहन, आतिथ्य सत्कार और खाद्य सेवाओं से जुड़े उद्योगों की लागत स्वतः बढ़ जाती है। इसका असर अंततः अंतिम उपभोक्ता की क्रय शक्ति पर पड़ता है, जिससे घरेलू बजट का संतुलन भी बिगड़ जाता है। पिछले कुछ महीनों में लगातार देखी जा रही इस प्रकार की मूल्य वृद्धि ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
व्यापारियों और आम नागरिकों की बढ़ती चिंताएं
रेस्तरां मालिकों और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि वे मार्जिन कम होने के बावजूद ग्राहकों को महंगे दाम पर भोजन परोसने के लिए मजबूर हैं। छोटे और मध्यम स्तर के रेस्तरां संचालकों के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण होती जा रही है क्योंकि वे बढ़ी हुई लागत को पूरी तरह से ग्राहकों पर नहीं डाल सकते। दूसरी ओर, हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को भी महंगे टिकटों के रूप में इस महंगाई की कीमत चुकानी पड़ रही है। कुल मिलाकर, एलपीजी के बढ़े हुए दामों ने परिवहन और खाद्य सेवाओं दोनों क्षेत्रों में एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।
आने वाले दिनों में यदि इन दरों में कोई राहत नहीं मिलती है, तो विभिन्न व्यापारिक संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा विरोध प्रदर्शनों के तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है। जनता अब सरकार से यह उम्मीद कर रही है कि वह ईंधन और गैस की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाएगी, ताकि रोजमर्रा की जिंदगी को कुछ हद तक सुगम बनाया जा सके। फिलहाल, इस ताजा मूल्य वृद्धि ने देश में एक बार फिर से महंगाई के मुद्दे को केंद्र में ला खड़ा किया है।