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भाईचारे की मिसाल: नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के यात्रियों की बिहार सरकार ने कराई सुरक्षित वतन वापसी

पड़ोसी देश नेपाल में प्राकृतिक आपदा या अन्य किसी कारण से फंसे महाराष्ट्र के यात्रियों के लिए बिहार राज्य ने भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी में अहम भूमिका निभाई है।

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Ankit Yadav
30 अग 2026, 16:15
भाईचारे की मिसाल: नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के यात्रियों की बिहार सरकार ने कराई सुरक्षित वतन वापसी
हाल ही में नेपाल यात्रा के दौरान उत्पन्न हुई विभिन्न परेशानियों के चलते महाराष्ट्र के कई नागरिक पड़ोसी देश की सीमा पर या आंतरिक हिस्सों में बुरी तरह फंस गए थे। इन यात्रियों के सामने खाने-पीने से लेकर सुरक्षित घर लौटने तक का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। संकट की इस मुश्किल घड़ी में बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन ने आगे आकर न सिर्फ इन पर्यटकों की सुध ली, बल्कि उनके लिए हरसंभव सहायता भी सुनिश्चित की। बिहार के अधिकारियों ने तुरंत नेपाल में मौजूद भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासनिक तंत्र के साथ समन्वय स्थापित किया, ताकि फंसे हुए लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बिहार ने निभाया भाईचारे का कर्तव्य

भारतीय संस्कृति और परंपरा में 'अतिथि देवो भव:' के साथ-साथ राज्यों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारे की एक पुरानी परंपरा रही है। बिहार के प्रशासनिक अमले ने इस भावना का पूरी निष्ठा से पालन करते हुए महाराष्ट्र के नागरिकों को सुरक्षित भारत लाने की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की। सीमावर्ती इलाकों से लेकर परिवहन व्यवस्था तक, हर स्तर पर विशेष इंतजाम किए गए ताकि महाराष्ट्र के इन यात्रियों को बिना किसी बाधा के उनके गृह राज्य भेजा जा सके। इस मानवीय पहल के बाद से हर तरफ बिहार सरकार के इस कदम की सराहना की जा रही है और इसे संघीय ढांचे तथा आपसी सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। परेशानियों के बीच से सकुशल अपने वतन और राज्यों की सीमा पर लौटने के बाद महाराष्ट्र के इन यात्रियों ने चैन की सांस ली है। सभी यात्रियों और उनके परिजनों ने बिहार सरकार, प्रशासन तथा इसमें सहयोग करने वाले तमाम नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते बिहार की तरफ से यह त्वरित और संवेदनशील मदद न मिलती, तो उनके लिए इस संकट से निकलना बेहद कठिन हो जाता। इस पूरी घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश के किसी भी हिस्से में संकट आने पर भारतीय राज्य किस प्रकार एकजुट होकर एक परिवार की तरह खड़े हो जाते हैं। भविष्य में इस प्रकार की आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए और अधिक पुख्ता इंतजाम किए जाने की बात कही जा रही है ताकि देश के किसी भी कोने से पर्यटक यदि पड़ोसी देशों की यात्रा पर जाएं, तो उन्हें इस तरह की अनिश्चितताओं का सामना न करना पड़े। फिलहाल, सभी यात्री अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो चुके हैं और उनके स्वजन बेहद खुश हैं।
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