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देश-दुनिया ब्रेकिंग

आईटी कंपनियों पर संकट: अमेरिका ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पर लगाई रोक

अमेरिकी प्रशासन ने इन्फोसिस और टीसीएस समेत प्रमुख आईटी कंपनियों के ग्रीन कार्ड प्रोग्राम पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के चलते बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।

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Ankit Yadav
09 अक्ट 2026, 17:22
आईटी कंपनियों पर संकट: अमेरिका ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पर लगाई रोक

ग्रीन कार्ड प्रोग्राम पर अमेरिकी प्रशासन का बड़ा प्रतिबंध

अमेरिकी श्रम विभाग ने कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टेक कंपनियों के लिए परमानेंट रेजिडेंसी या ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस सूची में इन्फोसिस, टीसीएस, विप्रो, एचसीएल टेक, कॉग्निजेंट, टाटा, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब जैसी नामी कंपनियां शामिल हैं। प्रशासन का आरोप है कि ये कंपनियां वीजा नियमों का गंभीर दुरुपयोग कर रही हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यह दावा भी किया है कि एच-1बी वीजा पर काम करने वाले विदेशी कर्मियों को स्थानीय अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में औसतन 20,000 डॉलर का कम वेतन दिया जाता है। इस कड़े फैसले के बाद अब ये कंपनियां अपनी पीईआरएम प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा सकेंगी। भारतीय आईटी जगत के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इस कदम से हजारों कर्मचारियों के भविष्य पर संशय के बादल छा गए हैं, क्योंकि उनकी स्थायी निवास की कानूनी प्रक्रिया अब अमेरिकी श्रम विभाग की जांच के दायरे में आने के कारण रुक गई है।

ईरान-अमेरिका तनाव और शेयर बाजार का हाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर सैन्य हमला नहीं किया जाएगा। हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी यथावत बनी रहेगी और अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल 103.45 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है, जो वैश्विक निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट रही, जिसमें नैस्डैक 1.25 फीसदी और एसएंडपी 500 में 0.47 फीसदी की कमी दर्ज हुई। एआई सेक्टर से जुड़ी कंपनियों जैसे एनवीडिया, ओरेकल और इंटेल के शेयरों में 3 से 5 फीसदी तक की भारी बिकवाली देखी गई। डॉलर इंडेक्स 102 के ऊपर बना हुआ है, जबकि अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.22 फीसदी पर आ गई है। भारतीय बाजार में लगातार नौवें हफ्ते बिकवाली का दबाव है, हालांकि गिफ्ट निफ्टी में 72 अंकों की तेजी से आज कुछ सुधार की उम्मीद बनी हुई है।

भारतीय बाजार की स्थिति और प्रमुख कॉर्पोरेट घटनाक्रम

भारतीय शेयर बाजार में बीते सत्र में एफआईआई ने 12,943.58 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि डीआईआई ने 10,703.11 करोड़ रुपये की खरीदारी करके संतुलन बनाने की कोशिश की। निफ्टी के लिए 22,200 का स्तर अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे नीचे फिसलने पर 21,743 का सपोर्ट स्तर सक्रिय हो सकता है। कॉर्पोरेट जगत में आईटीसी से जुड़ी बड़ी खबर है कि जीक्यूजी ने 9,395 करोड़ रुपये मूल्य के 36.5 करोड़ शेयर बेचे हैं। अपोलो हॉस्पिटल्स के कैंसर इलाज के मार्जिन पर 30 फीसदी की कैपिंग का असर उनके व्यापार पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, वीआरएल लॉजिस्टिक्स ने 280 करोड़ रुपये के बायबैक को स्वीकृति प्रदान की है। केईसी इंटरनेशनल और एनसीसी को क्रमशः 1,030 और 1,286 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने एंथ्रोपिक के साथ एआई सेवाओं के लिए साझेदारी की है। आज आनंद राठी वेल्थ और पूनावाला फिनकॉर्प जैसी कंपनियों के वित्तीय नतीजे निवेशकों की दिशा तय करेंगे।

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