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अंतरराष्ट्रीय कूटनीति: उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ की उच्चस्तरीय बैठक और नेपाल भेजी गई सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी उज्बेकिस्तान की महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठकों में व्यस्त हैं, वहीं दूसरी ओर भारत द्वारा पड़ोसी देशों को मानवीय सहायता पहुंचाने का सिलसिला भी निरंतर जारी है।
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Ankit Yadav
31 अग 2026, 10:55
भारतीय कूटनीति के मोर्चे पर रविवार का दिन अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी आधिकारिक यात्रा के तहत उज्बेकिस्तान की राजधानी में मौजूद हैं। इस यात्रा के दौरान उनका मुख्य ध्यान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कई प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।
पड़ोसी देशों को मानवीय सहायता
द्विपक्षीय वार्ताओं और कूटनीतिक वार्ताओं के बीच, भारत सरकार ने अपने पड़ोसी देशों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित किया है। नेपाल में चल रहे राहत और बचाव कार्यों के तहत भारत की ओर से सहायता सामग्री का चौथा विमान सफलतापूर्वक नेपाल पहुंच चुका है। ऑपरेशन मदद के नाम से चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत, संकट के इस समय में नेपाल को लगातार आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, इस चौथी खेप में जीवन रक्षक दवाएं, चिकित्सा उपकरण और अन्य राहत सामग्रियां शामिल हैं, जो स्थानीय प्रशासन को सौंप दी गई हैं।
विदेशी धरती पर प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा और देश के भीतर से पड़ोसी राष्ट्र के लिए लगातार उड़ान भरना, भारत की सक्रिय और संवेदनशील विदेश नीति का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत लगातार यह संदेश दे रहा है कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ-साथ मध्य एशियाई साझेदारों के साथ भी अपने संबंधों को समान रूप से महत्व देता है। उज्बेकिस्तान के साथ हुई वार्ताओं में आर्थिक समझौतों को अमली जामा पहनाने पर जोर दिया गया है, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों के व्यापारियों और नागरिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे की कूटनीतिक गतिविधियां
इस दोतरफा व्यस्तता ने यह साबित कर दिया है कि भारत एक ही समय में विभिन्न मोर्चों पर प्रभावी रूप से कार्य कर सकता है। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री मध्य एशिया के साथ रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता के मामलों में भारत हमेशा की तरह सबसे पहले आगे आने वाला मित्र राष्ट्र साबित हो रहा है। नेपाल के नागरिकों और सरकार ने भारत की इस निरंतर सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है, जबकि उज्बेकिस्तान के साथ हुई बैठकों के सकारात्मक परिणाम आने वाले दिनों में और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आएंगे। कूटनीतिक विश्लेषक इस पूरी श्रृंखला को भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और कूटनीतिक परिपक्वता के रूप में देख रहे हैं।