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कूटनीतिक हलचल: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नई दिल्ली पहुंचे, प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता तय

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंच चुके हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया और उनके दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा है।

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Ankit Yadav
12 सित 2026, 13:19
कूटनीतिक हलचल: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नई दिल्ली पहुंचे, प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता तय
राजधानी दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का पारा उस समय चढ़ गया जब चीन के शीर्ष नेता शी जिनपिंग यहां एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ उतरे। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रतिष्ठित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की बैठकों में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराना है, जो वैश्विक मंच पर कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण साबित होने जा रही है। दुनिया भर की निगाहें इस आयोजन पर टिकी हुई हैं क्योंकि बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा जैसे कई गंभीर मुद्दों पर इस महासम्मेलन में मंथन किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक

एनर्जी, व्यापार और सीमावर्ती इलाकों से जुड़े तमाम संवेदनशील मामलों पर कूटनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक खास द्विपक्षीय वार्ता का कार्यक्रम तय किया गया है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली इस आमने-सामने की बातचीत से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आपसी असहमतियों को कम करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने की दिशा में कुछ सकारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। जानकारों का मानना है कि दोनों देशों के सर्वोच्च नेतृत्व की यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों की दशा और दिशा तय करने में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकती है। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और तमाम मेहमान नेताओं की आवाजाही को लेकर यातायात व्यवस्था को भी दुरुस्त किया गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर बैठकों के एजेंडे को लेकर कूटनीतिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं, लेकिन क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक दक्षिण देशों के हितों की रक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच लंबी चर्चा होने की पूरी संभावना है। उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों की तरह ही लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में भी इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात को लेकर खासी उत्सुकता देखने को मिल रही है, क्योंकि इसका असर देश की विदेश नीति और आर्थिक मोर्चों पर पड़ सकता है। ब्रिक्स मंच हमेशा से उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक मजबूत मंच रहा है, और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में इस सम्मेलन का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। सम्मेलन के दौरान कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भी मुलाकात की संभावना है, जो बहुपक्षीय कूटनीति को नया आयाम देगी। आने वाले दिनों में इस शिखर सम्मेलन के दौरान होने वाले समझौतों और बयानों से यह साफ हो जाएगा कि भारत और चीन आने वाले समय में आपसी संबंधों को किस प्रकार आगे ले जाने की योजना बना रहे हैं।
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