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रैंकिंग में छलांग: ग्लोबल इंडेक्स में रांची ने लगाई बड़ी तरक्की, जानिए अन्य शहरों का हाल

झारखंड की राजधानी रांची ने ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के ताजा ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। दुनिया भर के एक हजार महानगरों की इस सूची में रांची चौहत्तर पायदान ऊपर चढ़कर अब नए स्थान पर पहुंच गई है।

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Ankit Yadav
01 अक्ट 2026, 16:00
रैंकिंग में छलांग: ग्लोबल इंडेक्स में रांची ने लगाई बड़ी तरक्की, जानिए अन्य शहरों का हाल

ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में रांची का शानदार प्रदर्शन

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी होने वाली इस विशेष सूची में इस बार रांची के शहरी स्वरूप में बड़ा बदलाव देखा गया है। पिछले वर्ष की तुलना में शहर की रैंकिंग में सुधार हुआ है और यह छलांग लगाकर काफी ऊपर आ गया है। इस प्रतिष्ठित मूल्यांकन में दुनिया भर के एक हजार प्रमुख महानगरों को शामिल किया जाता है जिनका आकलन विभिन्न पैमानों पर किया जाता है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार राजधानी रांची चौरासीवें स्थान से आगे बढ़कर सात सौबानवे स्थान पर पहुंच गई है। इस बड़ी छलांग के बाद शहर के समग्र विकास और प्रशासनिक व्यवस्था पर लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ है। वर्ष दो हजार छब्बीस के इस इंडेक्स में रांची का कुल स्कोर पच्चीस दशमलव शून्य दर्ज किया गया है जिसके आधार पर इसे वैश्विक मानचित्र पर यह नई स्थिति प्राप्त हुई है। इस पूरी प्रक्रिया में पांच अलग-अलग कसौटियों पर शहरों को परखा जाता है जिनमें आर्थिक स्थिति, मानव पूंजी, जीवन की गुणवत्ता, पर्यावरण और प्रशासनिक संचालन शामिल होते हैं। प्रत्येक श्रेणी के लिए शून्य से सौ अंकों का पैमाना तय किया गया है जिनके औसत से कुल अंक तय किए जाते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस बार पर्यावरण और प्रशासनिक प्रबंधन के मामले में अंक बेहतर आए हैं जबकि अर्थव्यवस्था और मानव संसाधन के मोर्चे पर स्कोर अपेक्षाकृत कुछ कम दर्ज किए गए हैं।

विभिन्न श्रेणियों के आंकड़े और अन्य शहरों की स्थिति

विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदर्शन का स्तर अलग-अलग रहा है जिससे शहर के विकास की एक स्पष्ट तस्वीर सामने आती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो गवर्नेंस श्रेणी में संतावन दशमलव चार अंक मिले हैं जो अन्य पैमानों की तुलना में सबसे अधिक हैं। इसी तरह पर्यावरण के मोर्चे पर छियालीस नहीं बल्कि चवालीस दशमलव शून्य अंक हासिल हुए हैं जबकि जीवन स्तर का पैमाना बत्तीस दशमलव एक पर रहा है। मानव पूंजी के लिए बत्तीस दशमलव शून्य अंक और अर्थव्यवस्था के मामले में अट्ठाइस दशमलव शून्य अंक दर्ज किए गए हैं। इन सभी पैमानों से यह साफ हो जाता है कि केवल एक ही क्षेत्र में सुधार नहीं हुआ बल्कि अलग-अलग मदों में अंकों का अंतर बना हुआ है। बेहतर संपर्क मार्ग, आधुनिक शहरी ढांचा तथा बड़े शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों की मौजूदगी इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रही है। केवल रांची ही नहीं बल्कि इस सूची में झारखंड के अन्य शहर भी अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। राज्य के जमशेदपुर शहर को आठ सौ चवालीसवां स्थान मिला है जबकि पिछले साल वह आठ सौ तैंतीसवें नंबर पर था। इसी प्रकार धनबाद की स्थिति में भी सुधार आया है और वह नौ सौ उनासी से सुधरकर नौ सौ पैंसठवें स्थान पर पहुंच गया है। इसके विपरीत बोकारो की रैंकिंग में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है और वह नौ सौ अठत्तर से खिसककर नौ सौ सतासीवें स्थान पर पहुंच गया है।

वैश्विक अध्ययन का उद्देश्य और भारतीय शहरों की स्थिति

इस प्रकार की सूचियों को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य दुनिया के प्रमुख महानगरों की ताकत और कमजोरियों का तुलनात्मक अध्ययन करना होता है। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स संस्था आर्थिक पूर्वानुमानों और मानकीकृत आंकड़ों के आधार पर पूरी दुनिया के महानगरों का निष्पक्ष मूल्यांकन करती है। इस वर्ष जारी हुए संस्करण में एक ही समान ढांचे का उपयोग करके एक हजार बड़े शहरों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया है। वैश्विक स्तर पर इस सूची में पहले स्थान पर न्यूयॉर्क शहर रहा है जबकि लंदन ने दूसरा और पेरिस ने तीसरा स्थान हासिल किया है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एशिया महाद्वीप के कई क्षेत्र वैश्विक आर्थिक प्रगति में अपनी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आने वाले दिनों में देश के विभिन्न महानगर आर्थिक विस्तार के बड़े केंद्र बनकर उभर सकते हैं जिसकी पूरी संभावना इस रिपोर्ट में जताई गई है। देश के अन्य हिस्सों की बात करें तो प्रयागराज की रैंकिंग में सत्तर अंकों का सुधार दर्ज किया गया है। इसके अलावा लखनऊ शहर में अट्ठावन पायदान और विशाखापत्तनम में चौवन स्थानों की तरक्की देखने को मिली है जो देश के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इन सभी आंकड़ों से यह साबित होता है कि भारतीय महानगर वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को लगातार मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और आने वाला समय विकास के नए अवसर लेकर आ सकता है।

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