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संकटमोचक भारत: नेपाल आपदा पर बिहार धार्मिक न्यास पर्षद का बड़ा बयान

पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और त्रासदी के बीच भारत की भूमिका को लेकर बिहार धार्मिक न्यास पर्षद ने बड़ा बयान जारी किया है।

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Ankit Yadav
02 सित 2026, 15:09
संकटमोचक भारत: नेपाल आपदा पर बिहार धार्मिक न्यास पर्षद का बड़ा बयान
पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में घटी भीषण प्राकृतिक आपदा और मानवीय संकट के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। इस कठिन समय में भारत की ओर से पड़ोसी देश को लगातार सहायता पहुंचाई जा रही है, जिसकी चारों तरफ सराहना हो रही है। इसी कड़ी में बिहार धार्मिक न्यास पर्षद ने भी नेपाल को दी जा रही मदद और समर्थन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जो वर्तमान कूटनीतिक और मानवीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

रणवीर नंदन का बयान

बिहार धार्मिक न्यास पर्षद से जुड़े प्रमुख नेता रणवीर नंदन ने इस संबंध में खुलकर अपनी बात रखी और पड़ोसी राष्ट्र के साथ भारत के पुराने सांस्कृतिक एवं आत्मीय रिश्तों को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब भी किसी आपदा या संकट की स्थिति में पड़ोसी देशों को सहायता की आवश्यकता होती है, तब भारत हमेशा एक 'संकटमोचक' की भूमिका निभाता है। उनका यह बयान दोनों देशों के बीच सदियों पुराने धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने वाला माना जा रहा है। नेपाल और भारत के बीच केवल राजनीतिक संबंध ही नहीं बल्कि धार्मिक और आस्थानुसार भी गहरे बंधन हैं। दोनों देशों के नागरिक एक-दूसरे के सुख-दुख में हमेशा भागीदार बनते आए हैं। हालिया त्रासदी के बाद जिस तरह से भारतीय एजेंसियां और संगठन राहत सामग्री एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत अपने पड़ोसियों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहता है। रणवीर नंदन के इस बयान से बिहार और देश भर के धार्मिक एवं सामाजिक हलकों में एक सकारात्मक संदेश गया है। आपदा के इस दौर में नेपाल के भीतर आधारभूत संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसी परिस्थिति में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है। भारतीय नेतृत्व और विभिन्न संस्थाओं द्वारा समय पर पहुंचाई जा रही मदद से प्रभावित लोगों को राहत मिल रही है और पुनर्वास कार्यों में भी तेजी आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले दिनों में इस आपदा के प्रभावों से उबरने के लिए राहत अभियानों को और अधिक व्यापक स्तर पर चलाए जाने की संभावना है। बिहार धार्मिक न्यास पर्षद जैसे संगठनों की इस प्रकार की प्रतिक्रिया से मानवीय संवेदनाओं को बल मिलता है और यह दर्शाता है कि संकट की हर घड़ी में भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ पूरी मजबूती और संवेदना के साथ खड़ा है।
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