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वैश्विक रैकिंग: आईआईटी पटना ने गांधीनगर और रोपड़ को पछाड़ा, जानिए पूरा ब्यौरा

शैक्षणिक संस्थानों की वैश्विक सूची में आईआईटी पटना ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। गांधीनगर और रोपड़ जैसे संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए संस्थान ने अपना स्थान पक्का किया है।

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Ankit Yadav
01 अक्ट 2026, 16:05
वैश्विक रैकिंग: आईआईटी पटना ने गांधीनगर और रोपड़ को पछाड़ा, जानिए पूरा ब्यौरा

ग्लोबल रैंक बैंड में पटना का दबदबा

द वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 की सूची में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर से अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। ताजा जारी की गई इस प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में संस्थान ने गांधीनगर और रोपड़ के संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाई है। हालांकि ओवरआल स्कोर के मामले में इंदौर के संस्थान ने पटना से अधिक अंक हासिल किए हैं और इंदौर का कुल स्कोर 50.6 दर्ज किया गया है। इसके बावजूद पटना का संस्थान 701 से 800 के ग्लोबल रैंक बैंड में अपनी जगह बनाए रखने में पूरी तरह से कामयाब रहा है। संस्थान से जुड़े अधिकारियों और जानकारों ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि इतनी कड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर में भी वैश्विक स्तर पर उनका प्रदर्शन लगातार स्थिर बना हुआ है। पिछले कुछ वर्षों से यह संस्थान लगातार इसी ग्लोबल रैंक बैंड के दायरे में शामिल होता आ रहा है जो इसकी अकादमिक स्थिरता का एक बहुत बड़ा प्रमाण माना जा रहा है। संस्थान के इस निरंतर और बेहतरीन प्रदर्शन से पूरे देश के शैक्षणिक गलियारों में खुशी की लहर दौड़ गई है और सभी लोग इसकी सराहना कर रहे हैं।

शोध गुणवत्ता और अन्य स्कोर का ब्यौरा

इस नई और प्रतिष्ठित वैश्विक रैंकिंग प्रणाली के विभिन्न पैमानों पर गौर किया जाए तो संस्थान का सबसे मजबूत पक्ष इसकी उच्च कोटि की रिसर्च क्वालिटी यानी शोध गुणवत्ता साबित हुई है। इस प्रमुख मानदंड पर संस्थान को 75.1 का एक बहुत ही शानदार स्कोर प्राप्त हुआ है जो इसकी अकादमिक क्षमता को दर्शाता है। इसके अलावा शिक्षण यानी टीचिंग के क्षेत्र में संस्थान को 41.7 अंक मिले हैं जबकि रिसर्च एनवायरमेंट यानी शोध पर्यावरण के मोर्चे पर इसे 27.3 अंक प्राप्त हुए हैं। टीएचई रैंकिंग में इस प्रकार का स्थान मिलने के बाद संस्थान के भीतर भारी प्रसन्नता का माहौल है और सभी लोग इस बात से खुश हैं। संस्थान की तरफ से यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि इस उल्लेखनीय उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि रैंकिंग में उसकी स्थिरता लगातार बनी हुई है। शोध की गुणवत्ता और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति लगातार किए जा रहे निरंतर प्रयासों का ही यह सुखद परिणाम है कि संस्थान वैश्विक मंच पर मजबूती से टिका हुआ है। फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों की यह मेहनत रंग लाई है।

एशिया स्तर पर लगातार मजबूत होती पहचान

वैश्विक रैंकिंग के साथ साथ एशिया महाद्वीप के स्तर पर भी संस्थान की पहचान में लगातार मजबूती आ रही है और इसका दायरा बढ़ रहा है। टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में संस्थान को लगातार मिल रही मान्यता को इस बात का सबसे बड़ा और पुख्ता प्रमाण बताया गया है। संस्थान के जिम्मेदार लोगों का ऐसा मानना है कि इस बड़ी उपलब्धि का सारा श्रेय उनके समर्पित फैकल्टी सदस्यों, मेधावी शोधकर्ताओं और परिश्रमी विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत को जाता है। संस्थान ने अपनी इस सफलता के लिए पूरे संस्थान समुदाय के प्रति अपनी तरफ से गहरा आभार भी व्यक्त किया है। भविष्य में भी इसी तरह के शानदार प्रदर्शन को जारी रखने की बात कही गई है ताकि देश और दुनिया में संस्थान का नाम और अधिक ऊंचा हो सके। अकादमिक क्षेत्र से जुड़े तमाम जानकारों का ऐसा मानना है कि आने वाले समय में यह संस्थान शोध और शिक्षण के क्षेत्र में और भी नए आयाम स्थापित करेगा। इस प्रकार की उपलब्धियों से देश के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को भी एक बेहतर प्रेरणा मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

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