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कृषि तकनीक: छात्राओं ने कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचकर सीखी आधुनिक खेती की बारीकियां
देश के कृषि क्षेत्र में लगातार आ रहे बदलावों के बीच हाल ही में छात्राओं ने एक कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) का दौरा किया और वहां खेती से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी हासिल की।
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Ankit Yadav
01 सित 2026, 17:16
आधुनिक समय में कृषि का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, और पारंपरिक खेती की जगह वैज्ञानिक तरीकों ने लेनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में हाल ही में छात्र-छात्राओं का एक विशेष दल कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) पहुंचा। इस शैक्षणिक और व्यावहारिक दौरे का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेती-किसानी के बदलते स्वरूप से रूबरू कराना और उन्हें विज्ञान आधारित तकनीकों से अवगत कराना था। केंद्र पर पहुंचने के बाद छात्राओं ने वहां चल रहे विभिन्न शोध कार्यों, उन्नत बीजों के उत्पादन और मिट्टी की जांच की प्रक्रियाओं को बहुत करीब से देखा और समझा।
आधुनिक कृषि उपकरणों और पद्धतियों का अवलोकन
केंद्र के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने छात्राओं को विस्तार से बताया कि किस प्रकार आधुनिक यंत्र खेती को आसान और अधिक लाभदायक बना सकते हैं। ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिस्टम, और पॉलीहाउस फार्मिंग जैसी तकनीकों के बारे में छात्राओं ने विशेष रुचि लेकर जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने उन्हें यह भी समझाया कि कम पानी और सीमित भूमि में कैसे बेहतर फसल का उत्पादन किया जा सकता है। इस दौरान छात्राओं ने कई प्रकार के उन्नत कृषि उपकरणों का लाइव प्रदर्शन भी देखा, जिससे उन्हें किताबों में पढ़ी गई बातों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।
पारंपरिक कृषि हमारे देश की रीढ़ रही है, लेकिन बढ़ती जनसंख्या और जलवायु परिवर्तन के इस दौर में केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। यही कारण है कि कृषि शिक्षा संस्थानों और विज्ञान केंद्रों द्वारा इस तरह के दौरों का आयोजन किया जाता है। कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका आज के समय में सिर्फ शोध तक सीमित नहीं है, बल्कि वे किसानों और युवाओं को प्रशिक्षित करने का एक बड़ा केंद्र बन चुके हैं। छात्राओं ने यहां न केवल खेती के नए तौर-तरीके सीखे, बल्कि यह भी जाना कि कैसे कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार और उद्यमिता की अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं।
युवाओं में कृषि विज्ञान के प्रति बढ़ती रुचि
विशेषज्ञों का मानना है कि जब युवा पीढ़ी खेती से जुड़े तकनीकी पहलुओं को समझती है, तो वे भविष्य में इस क्षेत्र में नई क्रांतियों का सूत्रधार बन सकती हैं। इस दौरे के दौरान छात्राओं ने वैज्ञानिकों से कई सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया। उन्होंने फसल सुरक्षा, कीट प्रबंधन और जैविक खेती के महत्व को भी बारीकी से समझा। इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं और उन्हें यह अहसास कराते हैं कि कृषि अब केवल शारीरिक मेहनत का क्षेत्र नहीं रहा, बल्कि यह विज्ञान और तकनीक का एक उन्नत संगम बन चुका है।
भविष्य में इस प्रकार के और भी कार्यक्रमों के आयोजन की संभावना है ताकि अधिक से अधिक युवाओं को कृषि विज्ञान से जोड़ा जा सके। देश के विकास में कृषि क्षेत्र का योगदान हमेशा से अहम रहा है, और जब युवा इसमें तकनीकी दक्षता के साथ प्रवेश करेंगे, तो उत्पादकता में निश्चित रूप से सुधार होगा। इस सफल दौरे के बाद छात्राओं ने उत्साहपूर्वक कहा कि उन्होंने जो ज्ञान यहां प्राप्त किया है, वह उनके भविष्य के अध्ययन और करियर के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने भी छात्राओं के इस उत्साह की सराहना की और उन्हें भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।