नेपाल में आई बाढ़ से भारत को क्यों चिंता होनी चाहिए?
CJP Protest LIVE : दिल्ली पुलिस ने मानी कॉकरोचों की मांग, FIR में SC-ST एक्ट जोड़ा; 307 पर क्या बोली
कल का मौसम 5 सितंबर: 12 घंटे के भीतर 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 75 की स्पीड से हवा; IMD का अपडेट
निशांत कुमार को माला पहनाते ही बड़ा कांड! JDU नेता के गले से 7 लाख की चेन ले उड़े चोर
'जरदारी और मुनीर में छिड़ी जंग, पाकिस्तान में मार्शल लॉ का खतरा', अल्ताफ हुसैन ने दी बड़ी चेतावनी
US ने ईरान में शादी वाले घर पर किया हमला, जेडी वेंस बोले- नागरिकों को निशाना...
नशे में विमान उड़ा रहा था पायलट... फुकेट-दिल्ली Air India विमान हादसे की सामने आई रिपोर्ट
Patna Flood: गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर, 1500 परिवार बेघर, सभी 108 सुरक्षा गेट बंद होंगे
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
आर्थिक छलांग: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूयॉर्क में निवेशकों के सामने रखी भारत की विकास गाथा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूयॉर्क में वैश्विक निवेशकों को संबोधित करते हुए देश की मजबूत आर्थिक संभावनाओं, 7.8 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर, आधुनिक बुनियादी ढांचे और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला।
A
Ankit Yadav
04 सित 2026, 15:12
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने हालिया अमेरिका दौरे के दौरान न्यूयॉर्क में देश के आर्थिक भविष्य का एक मजबूत और आश्वस्त करने वाला खाका पेश किया है। वैश्विक निवेशकों और वित्तीय दिग्गजों के साथ हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार को रेखांकित करते हुए दुनिया भर के पूंजीपतियों को देश में निवेश करने का खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने मुख्य रूप से 7.8 प्रतिशत की प्रभावशाली विकास दर का जिक्र किया, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन और मजबूती को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
बुनियादी ढांचे और तकनीक पर जोर
अपने संबोधन के दौरान वित्त मंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि किस प्रकार देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। सरकार द्वारा राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों और डिजिटल नेटवर्क के विस्तार के लिए उठाए गए कदमों ने निवेशकों का भरोसा काफी हद तक बढ़ाया है। इसके साथ ही, उन्होंने भविष्य की तकनीकों विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से विकास को नई गति देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर तकनीक और नवाचार ही किसी देश की आर्थिक प्रगति के मुख्य चालक माने जा रहे हैं।
वित्तीय जानकारों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के उच्च स्तरीय संवाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का मनोबल बढ़ाने का काम करते हैं। जब देश के वित्त मंत्री खुद वैश्विक वित्तीय मंचों पर जाकर नीतियों, सुधारों और दीर्घकालिक लक्ष्यों को साझा करते हैं, तो निवेशकों के मन में एक सकारात्मक संदेश जाता है। भारत की यह विकास गाथा वर्तमान में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक मिसाल बनती जा रही है, क्योंकि यहां मुद्रास्फीति नियंत्रण और विकास का संतुलन बेहतरीन तरीके से साधा गया है।
आने वाले समय में इन बैठकों और चर्चाओं के ठोस परिणाम देखने को मिल सकते हैं, जिससे देश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भारी मात्रा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आने की संभावना है। सरकार का यह प्रयास है कि देश को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित किया जाए, जिसमें बुनियादी ढांचे की मजबूती और एआई जैसी आधुनिक तकनीकें केंद्रीय भूमिका निभाएंगी। निवेशकों ने भी इस विजन में गहरी रुचि दिखाई है, जो आने वाले वित्तीय वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।