वैश्विक बॉन्ड बाजार सुधरने के बाद भारतीय शेयर बाजार में तेजी
वैश्विक बॉन्ड बाजार में हालात कुछ बेहतर होने के बाद गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। लगातार सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद घरेलू बाजार ने मजबूती के साथ वापसी की। सेंसेक्स करीब 628 अंक चढ़कर 77,537.72 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में भी 0.64 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 24,200 के ऊपर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे प्रमुख कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और वैश्विक वित्तीय बाजारों में बेहतर माहौल रहा। अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की खरीद बढ़ाने के संकेतों से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई और बॉन्ड बाजार में स्थिरता लौटती दिखाई दी।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में कमी का असर वैश्विक शेयर बाजारों पर भी पड़ा। जब अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड तेजी से बढ़ती है, तो निवेशकों के लिए सुरक्षित अमेरिकी परिसंपत्तियां अधिक आकर्षक हो जाती हैं और उभरते बाजारों से पूंजी बाहर जाने का दबाव बढ़ सकता है। इसके विपरीत, यील्ड में नरमी आने पर शेयर बाजारों में निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ती है। इसी वजह से भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी और खरीदारी का माहौल बेहतर हुआ। रुपये में मजबूती और सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने भी बाजार की धारणा को सहारा दिया।
बाजार की तेजी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही। आईटी और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 14 बढ़त के साथ बंद हुए। आईटी इंडेक्स में लगभग 0.8 प्रतिशत और वित्तीय क्षेत्र में करीब 0.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का भरोसा व्यापक रूप से मजबूत हुआ। हालांकि, बाजार के सामने अभी भी कई जोखिम मौजूद हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में दोबारा बढ़ोतरी भारतीय बाजार पर दबाव डाल सकती है। इसलिए मौजूदा तेजी को राहत देने वाली बाजार वापसी के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन आगे की दिशा वैश्विक बॉन्ड बाजार, विदेशी निवेश, तेल की कीमतों और महंगाई जैसे कारकों पर काफी हद तक निर्भर करेगी।