खंदौली में सड़क हादसा
आगरा जिले के खंदौली थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात एक भयानक सड़क दुर्घटना हुई जिसमें दो युवकों ने अपनी जान गंवा दी। मारे गए युवकों की पहचान पूरा गोवर्धन निवासी राहुल और यतेंद्र के रूप में हुई है। राहुल वेदप्रकाश का पुत्र था और उसकी आयु 20 वर्ष थी, जबकि 22 वर्षीय यतेंद्र बलबीर सिंह का पुत्र था। यह दोनों युवक गुरुवार की शाम लगभग छह बजे अपने घरों से चारा लेने के लिए निकले थे। उस्मानपुर से चारा लेकर वापस लौटते समय रात के करीब 10 बजे बांस मोहन सहाय के पास यह हादसा हुआ। इस सड़क दुर्घटना में इन दोनों युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय स्तर पर हुई इस दुखद घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है और लोग इस अनहोनी से बेहद स्तब्ध हैं।
टक्कर के बाद फरार चालक
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, युवकों की बाइक जब बांस मोहन सहाय के निकट पहुंची, तभी सामने से तेज गति में आ रही एक मैक्स गाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण और घातक थी कि बाइक सवार राहुल और यतेंद्र को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। दुर्घटना को अंजाम देने के बाद मैक्स चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। हादसे के तुरंत बाद सड़क पर राहगीरों और स्थानीय निवासियों की काफी भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों के शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी। फिलहाल मैक्स गाड़ी और उसके चालक की तलाश की जा रही है ताकि कानून के तहत अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे संभावित सुरागों को खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान हो सके।
हादसे का दुखद असर
आगरा में हुई इस सड़क दुर्घटना ने यातायात सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल फिर से खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार वाहनों के कारण होने वाली ऐसी दुर्घटनाएं अक्सर परिवारों को पूरी तरह से उजाड़ देती हैं। पूरा गोवर्धन गांव के रहने वाले इन दोनों युवकों की असमय मृत्यु ने पूरे इलाके में सन्नाटा फैला दिया है। चारा लेने के लिए निकले युवा घर वापस नहीं लौट सके, जिससे उनके माता-पिता और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस प्रशासन ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस तरह के हादसों के बाद ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की तेज गति को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। स्थानीय निवासी अब सड़कों पर सुरक्षित आवागमन के लिए प्रशासन से उचित कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और किसी अन्य परिवार को ऐसी क्षति न उठानी पड़े।