लखनऊ के अस्पताल में अधिकारी ने तोड़ा दम
बुलंदशहर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और एडीएम न्यायिक भारत राम यादव का देहांत हो गया है। उन्होंने लखनऊ में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में अंतिम सांस ली। उनके निधन की घटना मंगलवार रात को करीब 10 बजे हुई। बीते रविवार को उनकी सेहत अचानक काफी खराब हो गई थी। शुरुआत में उन्हें दिल का दौरा पड़ने के साथ ही ब्रेन हेमरेज की समस्या का सामना करना पड़ा। इस गंभीर स्थिति के कारण उनके परिजनों ने उन्हें फोर्टिस अस्पताल नोएडा में इलाज के लिए भर्ती कराया था। वहां डॉक्टरों की देखरेख में उन्हें शुरुआती चिकित्सा मुहैया कराई गई, लेकिन उनकी तबीयत में अपेक्षित सुधार दर्ज नहीं हो सका। उनकी बिगड़ती हालत को ध्यान में रखते हुए मंगलवार की सुबह उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया था। अंततः तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद वे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त नहीं कर पाए और उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
उपचार के दौरान गंभीर बनी रही स्थिति
स्वर्गीय भारत राम यादव को रविवार की सुबह अचानक शारीरिक परेशानी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में फोर्टिस अस्पताल नोएडा ले जाया गया था। वहां मौजूद चिकित्सा विशेषज्ञों ने उनका इलाज करने का भरसक प्रयास किया, लेकिन स्थिति लगातार चिंताजनक बनी रही। सुधार न होने पर मंगलवार की सुबह उन्हें लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान स्थानांतरित किया गया था। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक पूरी टीम ने उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए अथक कार्य किया, किंतु वे सफल नहीं हो सके। रात 10 बजे के आसपास चिकित्सा रिपोर्ट ने उनकी मृत्यु की पुष्टि की। उनके निधन की खबर ने पूरे बुलंदशहर के सरकारी तंत्र को गहरे शोक में धकेल दिया है। कलेक्ट्रेट परिसर और अन्य सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसर गया है। सहकर्मियों ने उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं और दिवंगत अधिकारी के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन दौर में धैर्य रखने की प्रार्थना की है।
प्रशासनिक महकमे में शोक की गहरी लहर
भारत राम यादव का कार्यकाल बुलंदशहर के प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाएगा। वह पिछले दो वर्षों से जिले में एडीएम न्यायिक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। कार्यशैली के मामले में वह बेहद मिलनसार और कुशल अधिकारी माने जाते थे। उनके सहयोगियों के अनुसार, वह न केवल अपने प्रशासनिक कार्यों में समर्पित थे, बल्कि कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भी एक स्नेहपूर्ण छवि बनाए रखने में कामयाब रहे थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु से जिला प्रशासन को एक अनुभवी और वरिष्ठ व्यक्तित्व की अपूरणीय क्षति हुई है। कलेक्ट्रेट के अधिकारी और अन्य कर्मचारी वर्ग काफी आहत हैं। हर स्तर पर उनके निधन को लेकर दुख व्यक्त किया जा रहा है और लोग उन्हें याद करते हुए अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई है। प्रशासनिक कामकाज में उनकी अहम भूमिका को देखते हुए उनके चले जाने से विभाग के भीतर एक रिक्तता उत्पन्न हो गई है।