बाराबंकी में चलती कार में लगी आग
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सड़क मार्ग पर एक दर्दनाक और वीभत्स हादसा हुआ है। यहां एक यात्री वाहन अचानक आग की चपेट में आ गया। आग लगने की यह घटना उस समय हुई जब वाहन पूरी गति से सड़क पर आगे बढ़ रहा था। अचानक उठी लपटों और धुएं के गुबार से आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। वाहन चला रहा व्यक्ति अंदर ही बुरी तरह फंस गया। आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वाहन के भीतर का तापमान पल भर में खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। इस भयंकर हादसे के कारण वाहन पूरी तरह से जलकर खाक हो गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी भीषण थीं कि कोई भी वाहन के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस दल तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हो गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत तथा बचाव कार्य शुरू किया।
सेंट्रल लॉक फेल होने से फंसा ड्राइवर
इस दर्दनाक दुर्घटना के दौरान तकनीकी खराबी ने स्थिति को और अधिक भयावह बना दिया। वाहन में आग लगने के तुरंत बाद चालक ने बाहर निकलने की कोशिश की होगी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। वाहन का इलेक्ट्रॉनिक सेंट्रल लॉक सिस्टम अचानक पूरी तरह से जाम हो गया। आग की वजह से बिजली के तार और सर्किट फेल हो गए, जिसके कारण दरवाजे अंदर से नहीं खुल सके। आधुनिक वाहनों में सुरक्षा के लिए दिए जाने वाले सेंट्रल लॉक कई बार आपात स्थिति में जानलेवा साबित हो जाते हैं जब वे बिजली की आपूर्ति बाधित होने पर काम करना बंद कर देते हैं। चालक ने शीशे तोड़ने या बाहर आने का हर संभव प्रयास किया होगा, लेकिन वह वाहन के भीतर ही कैद होकर रह गया। वाहन के दरवाजे लॉक होने के कारण वह बाहर नहीं आ सका और अंदर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। बाद में जब दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया, तब वाहन के अंदर से चालक का शव बाहर निकाला जा सका। शव पूरी तरह से जल चुका था, जिससे उसकी शिनाख्त करना भी बेहद मुश्किल हो गया था। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
चलती गाड़ियों में आग के बढ़ते मामले
सड़क पर चलते हुए वाहनों में अचानक आग लगने की घटनाएं देश भर में लगातार चिंता का विषय बनती जा रही हैं। इस तरह के हादसों से यह सवाल खड़ा होता है कि आधुनिक तकनीक से लैस गाड़ियां कितनी सुरक्षित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट सर्किट, ईंधन की लीकेज या इंजन में अत्यधिक गर्मी के कारण ऐसी दुर्घटनाएं अक्सर होती हैं। आधुनिक कारों में सुरक्षा के लिए ऑटोमैटिक सेंट्रल लॉक और पावर विंडो दिए जाते हैं, जो कई बार दुर्घटना के समय जानलेवा अवरोध बन जाते हैं। इस तरह की दुखद घटनाओं से सबक लेते हुए वाहन चालकों को हमेशा सतर्क रहने की आवश्यकता है। वाहन की समय पर सर्विसिंग कराना और वायरिंग की जांच करवाना बेहद जरूरी होता है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। इसके अलावा, कार के भीतर हमेशा एक छोटा आपातकालीन हथौड़ा या कांच तोड़ने वाला यंत्र रखना चाहिए ताकि आपात स्थिति में खिड़की के शीशे आसानी से तोड़े जा सकें। स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग भी इस घटना की तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग लगने का मूल कारण क्या था। इस प्रकार की त्रासदियां हमें वाहन सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन करने की याद दिलाती हैं।