तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी
‘भारत हम सभी के लिए उम्मीद की किरण’, पोलैंड के प्रधानमंत्री ने की PM मोदी की जमकर तारीफ
'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर
CJP के सौरव दास-आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच ने बुलाया, नोटिस में क्या लिखा?
अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा
अमित शाह के ‘चिट्टा रावण’ दहन ने 2016 की यादें की ताजा, जब रवनीत बिट्टू की लीडरशिप में कांग्रेस ने BJP-SAD सरकार के खिलाफ बनाया था माहौल
दो चुनाव आयुक्तों की शिकायत पर कैबिनेट सचिव ने क्यों नहीं लिया एक्शन, RTI में खुलासा
कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
बड़ा हादसा टला: मध्य प्रदेश में 50 बच्चों से भरी स्कूल बस के ड्राइवर पर फायरिंग से हड़कंप
मध्य प्रदेश से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पचास मासूम बच्चों से भरी एक स्कूल बस को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। इस अचानक हुए हमले से वाहन चालक और मौके पर मौजूद लोगों के बीच भारी दहशत फैल गई।
A
Ankit Yadav
13 सित 2026, 14:35
मध्य प्रदेश के इस गंभीर और चिंताजनक मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है जब एक चलती या खड़ी स्कूली वाहन पर अचानक गोलियों की बौछार कर दी गई। जिस समय यह घटना घटी, उस दौरान वाहन के अंदर करीब पचास बच्चे सवार थे जो अपनी कक्षाओं में शामिल होने के लिए विद्यालय जा रहे थे या फिर वहां से अपने घरों की ओर लौट रहे थे। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से बच्चों के अभिभावकों और स्थानीय निवासियों के भीतर भारी आक्रोश के साथ-साथ भय का माहौल भी बन गया है। इस प्रकार की घटनाओं से बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो जाता है, क्योंकि रोजाना हजारों माता-पिता अपने नौनिहालों को स्कूल वाहनों के भरोसे भेजते हैं।
कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर उठे सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने सीधे तौर पर वाहन के चालक को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया। गनीमत यह रही कि इस भयानक हमले के बावजूद कोई बड़ा जानलेवा हादसा नहीं हुआ और अंदर बैठे सभी पचास बच्चे पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं, अन्यथा एक बहुत बड़ी त्रासदी घटित हो सकती थी। जैसे ही गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजी, वैसे ही वाहन के अंदर बैठे छोटे-छोटे बच्चे बुरी तरह सहम गए और उनके रोने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। चालक की सूझबूझ या स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर तुरंत इसकी सूचना संबंधित थानों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और फौरन घटनास्थल की तरफ रवाना हुआ। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मु मुआयना किया और प्रत्यक्षदर्शियों तथा वाहन के चालक से घटना के संबंध में तमाम जरूरी जानकारियां जुटाईं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस खौफनाक वारदात के पीछे असल में किन लोगों का हाथ था और इस प्रकार की रंजिश या कारण के चलते हमलावरों ने मासूम बच्चों की जान जोखिम में डाली। इलाके के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि हमलावरों की पहचान कर जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
इस घटना के सामने आने के बाद से लखनऊ, बिहार और दिल्ली जैसे बड़े महानगरों तथा अन्य राज्यों में भी अभिभावक अपने बच्चों की स्कूल यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं। लोग सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर कड़े शब्दों में इस तरह की आपराधिक प्रवृत्ति की निंदा कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि हमलावरों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। स्थानीय नागरिकों और अभिभावक संघों का कहना है कि स्कूली वाहनों और उनमें सफर करने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को और अधिक कड़े सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने होंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी शर्मनाक और खतरनाक घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।