नदी में नहाते समय हुआ बड़ा हादसा
उत्तर बस्तर कांकेर जिले के बांदे थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इरपनार गांव के नौ बच्चे पिकनिक मनाने के लिए घर से निकले थे। यह सभी बच्चे छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा के पास स्थित करका-बुज गांव के नजदीक बहने वाली बांडे नदी के पास पहुंचे थे। दोपहर के करीब दो बजे का समय था जब बच्चों ने वहां पहुंचकर खाना बनाया। भोजन तैयार करने के बाद बच्चों का यह समूह नदी में स्नान करने के लिए उतर गया। इसी दौरान गहरे पानी में जाने के कारण साहिल वर्माण और अजित विश्वास नाम के दोनों बच्चे पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। पानी का बहाव इतना तेज था कि वे संभल नहीं पाए और देखते ही देखते गहरे पानी में बह गए। इस अचानक हुई घटना से बाकी बच्चों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को इस बारे में सूचित किया। घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों के साथ बांदे थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और बच्चों की खोजबीन का काम शुरू किया गया।
लापता बच्चों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन
नदी में डूबे दोनों बच्चों का अब तक कोई भी सुराग नहीं मिल पाया है। उनकी तलाश के लिए प्रशासन की तरफ से एक बड़ा और व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय लोग अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं और वे नदी में जाल तथा डंडों की सहायता से खोजबीन कर रहे हैं। इस अभियान में स्थानीय गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है ताकि पानी के भीतर बच्चों का पता लगाया जा सके। पखांजूर के एडिशनल एसपी राकेश कुर्रे ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्थिति को देखते हुए कांकेर से राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की टीम को भी तुरंत रवाना कर दिया गया है। इसके अलावा सीमावर्ती राज्य महाराष्ट्र के अट्टापल्ली क्षेत्र के एसडीओपी और आसपास के अन्य पुलिस थानों के अधिकारियों से भी संपर्क साधा गया है ताकि पड़ोसी राज्य की तरफ से भी इस बचाव कार्य में सहायता मिल सके। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
नदी किनारे जुटी भारी भीड़ और लोगों की दुआएं
घटना के बाद से ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और बच्चों के डूबने की यह खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। इस दुखद समाचार को सुनते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और आसपास के लोग नदी के तट पर आकर जमा हो गए। हर किसी के मन में यही चिंता बनी हुई है कि दोनों बच्चे सुरक्षित मिल जाएं। नदी किनारे खड़े लोग लगातार प्रार्थना कर रहे हैं कि बांडे नदी के तेज बहाव में बहे साहिल वर्माण और अजित विश्वास किसी तरह सकुशल मिल जाएं। एडिशनल एसपी राकेश कुर्रे ने विश्वास जताया है कि प्रशासन और रेस्क्यू टीमों के संयुक्त प्रयासों से दोनों लापता बच्चों को बहुत जल्द ढूंढ लिया जाएगा। वर्तमान में पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी, एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय ग्रामीण मिलकर पूरी मुस्तैदी के साथ नदी के चप्पे-चप्पे की तलाशी ले रहे हैं ताकि इस भीषण दुर्घटना के शिकार हुए बच्चों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जा सके।