सुबह पांच बजे लगी आग
वाराणसी के रथयात्रा महमूरगंज क्षेत्र में स्थित बनारस स्वर्ण कला केन्द्र के शोरूम में शुक्रवार को सुबह के समय एक बड़ी दुर्घटना घटित हुई। आग लगने की यह घटना सुबह ठीक 05 बजकर 35 मिनट पर हुई जिसकी सूचना तुरंत भेलूपुर अग्निशमन केंद्र के नियंत्रण कक्ष को दी गई। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अमले और दमकल कर्मियों में हड़कंप मच गया और वे तुरंत अपनी गाड़ियों के साथ घटनास्थल की तरफ रवाना हो गए। सुबह का समय होने के कारण आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते वहां स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी तत्काल मौके पर पहुंच गए और सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए स्थिति पर अपनी नजर बनाए रखी। इस दौरान दुकान के मालिक और अन्य कारोबारी भी अपनी दुकानों के पास खड़े होकर अंदर हुए नुकसान का जायजा लेते नजर आए। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आग लगने की सही वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है और इसके ठोस कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
दमकल कर्मियों का अभियान
घटना की गंभीरता को देखते हुए भेलूपुर अग्निशमन केंद्र से तुरंत दो दमकल वाहन रवाना किए गए और इसके साथ ही चेतगंज केंद्र से तीन और गाड़ियां आवश्यक उपकरणों और पूरे स्टाफ के साथ घटनास्थल पर भेजी गईं। वाराणसी के मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनन्द सिंह राजपूत के विशेष निर्देशन और भेलूपुर के अग्निशमन अधिकारी के सीधे नेतृत्व में इस राहत एवं बचाव कार्य को पूरी मुस्तैदी के साथ शुरू किया गया। घटना स्थल पर कुछ शटर बंद होने के कारण उनके ताले काटने की आवश्यकता महसूस हुई जिसके लिए चेतगंज केंद्र से एक विशेष मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल को भी मौके पर मंगवाया गया। इस वाहन की मदद से शटर के ताले काटकर अंदर प्रवेश किया गया और आग बुझाने का काम आगे बढ़ाया गया। शोरूम के भूतल पर फॉल्स सीलिंग, कीमती फर्नीचर, घड़ियाँ और सोने-चांदी का स्ट्रांग रूम बना हुआ था जहाँ फर्नीचर और फॉल्स सीलिंग पूरी तरह जल चुकी थी जिसे दमकल कर्मियों ने तुरंत बुझा दिया। पूरे शोरूम में भारी मात्रा में धुआं भर गया था और आग की भयंकर गर्मी पहले तल तक पहुँच चुकी थी जहाँ साड़ियों का शोरूम स्थित था। ऊपरी तल पर पहुँचने के लिए फायर कर्मियों ने बाहर से पोर्टेबल सीढ़ी का इस्तेमाल किया और अग्निरोधी कपड़े पहनकर ऊपर चढ़े। इसके बाद धुआं बाहर निकालने के लिए शीशों को तोड़ा गया और पानी डालकर पूरी तरह कूलिंग की गई। इस कठिन ऑपरेशन के दौरान कुछ दमकल कर्मियों की उंगलियों में आंशिक चोटें भी आईं जिनका मौके पर ही तुरंत उपचार कर लिया गया।
तीन घंटे की कड़ी मशक्कत
अग्निशमन कर्मियों और अधिकारियों की संयुक्त टीम ने लगातार तीन घंटे तक बेहद कड़ी मशक्कत करते हुए इस भीषण आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग बुझाए जाने के कारण यह आसपास के किसी भी अन्य भवन में नहीं फैल पाई और एक बड़ा हादसा टल गया। इस पूरे अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है। सुबह लगभग 08 बजकर 35 मिनट तक दमकल कर्मियों ने पूरी तरह आग को बुझाकर स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया। आग लगने के संबंध में फिलहाल कोई भी ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है और नुकसान के वास्तविक आंकड़े भी अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि अग्निशमन कर्मियों ने शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट होने की वजह से आग लगने की आशंका जताई है। घटना के शांत होने के बाद अब संबंधित कारोबारी और शोरूम मालिक अपने स्तर पर दुकान के भीतर हुए कुल नुकसान का आकलन करने में जुटे हुए हैं। पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी भी इस बात की जांच कर रहे हैं कि आग किन परिस्थितियों में भड़की थी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।