गोला बाजार की घटना और आग की शुरुआत
गोला बाजार क्षेत्र में छोटी लालकुर्ती निवासी सरला यादव का ई-स्कूटी का शोरूम संचालित होता है। बुधवार रात को करीब सवा आठ बजे के समय अचानक इसी शोरूम के भीतर से आग की लपटें उठने लगीं। घटना के समय स्थानीय बाजार में काफी अधिक भीड़भाड़ मौजूद थी, जिसके कारण वहां तुरंत अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। शोरूम के अंदर काम करने वाले कर्मचारियों ने स्थिति को भांपते हुए बिना किसी देरी के पुलिस विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को इस दुर्घटना की तुरंत सूचना दी। आग की भयंकर लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने बहुत ही कम समय में बगल में स्थित एक बर्तन की दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। उस बर्तन की दुकान में भी आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते दोनों प्रतिष्ठानों में भीषण नुकसान होना शुरू हो गया। दुकानदार और वहां मौजूद अन्य लोग इस अचानक हुई घटना से पूरी तरह से सहम गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
दमकल कर्मियों की मशक्कत और राहत कार्य
सूचना मिलने के मात्र करीब बीस मिनट के भीतर ही अग्निशमन विभाग के कर्मचारी अपनी तीन गाड़ियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। उस समय तक आग की विकराल लपटें बहुत अधिक तेज हो चुकी थीं और आसपास के हिस्से को भी प्रभावित कर रही थीं। दमकल कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आग पर काबू पाने की कठिन कोशिशें शुरू कर दीं। आग की भयंकर और विकराल स्थिति को देखते हुए विभाग द्वारा तीन और अतिरिक्त गाड़ियों को तुरंत मौके पर बुलाया गया। इस प्रकार कुल छह गाड़ियों की मदद से दमकल कर्मियों ने लगातार करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इस भयंकर आग पर पूरी तरह से काबू पाया। इस दौरान दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर विद्युत निगम के अधिकारियों को भी तुरंत इसकी सूचना दी ताकि बिजली आपूर्ति रोकी जा सके। सूचना मिलते ही क्षेत्र की बिजली तुरंत काट दी गई जिससे किसी अन्य बड़े हादसे की संभावना को टाला जा सका। आसपास के अन्य दुकानदार भी अपनी-अपनी दुकानों को सुरक्षित करने में जुट गए ताकि आग आगे न फैले।
नुकसान का आकलन और मुख्य अग्निशमन अधिकारी का बयान
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल ने इस पूरे हादसे के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ई-स्कूटी के इस शोरूम में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट था। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह भी बताया कि इस दुर्घटना में राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है। जब दमकल कर्मियों ने कड़ी मेहनत के बाद आग को पूरी तरह से बुझाया, तब तक भारी तबाही सामने आ चुकी थी। शोरूम के अंदर खड़ी कुल आठ ई-स्कूटी पूरी तरह से जल चुकी थीं और राख में बदल गई थीं। इसके अलावा बगल की बर्तन दुकान में रखा हुआ लाखों रुपये का सामान भी पूरी तरह से जलकर खाक हो चुका था। इस बड़ी दुर्घटना के कारण दोनों दुकानदारों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है। स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग के सहयोग से स्थिति को नियंत्रित किया गया और रात के समय राहत कार्य सफलतापर्वक पूरा किया गया।