एसए अपार्टमेंट की जांच और वर्तमान स्थिति
लखनऊ के वजीरगंज अंतर्गत बारूदखाना क्षेत्र में स्थित एसए अपार्टमेंट का मामला गंभीर बना हुआ है। इस इमारत की स्ट्रक्चरल जांच का कार्य अब पूरा हो चुका है और सोमवार को इसकी औपचारिक रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। बीते सोमवार को अपार्टमेंट का मुख्य पिलर अचानक दरकने और दीवारों में दरारें उभरने के बाद से यहां रहने वाले दो दर्जन परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल पूरी इमारत को सील कर दिया गया है। इन निवासियों को अब तक अपने घर के अंदर जाने या अपना निजी सामान निकालने की आधिकारिक परमीशन प्रदान नहीं की गई है। हालांकि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच चर्चा चल रही है कि अगले एक से दो दिनों के भीतर निवासियों को अपना सामान सुरक्षित बाहर ले जाने की अनुमति मिल सकती है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से आसपास के इलाके में भी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
प्रशासनिक निर्णय और ध्वस्तीकरण की तैयारी
लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए ने सुरक्षा के लिहाज से एसए अपार्टमेंट को पूरी तरह से जमींदोज करने का अंतिम निर्णय पहले ही ले लिया है। मौजूदा योजना के अनुसार इस महीने की 20 तारीख तक इमारत को गिराने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। जब यह घटना हुई थी, तब जिलाधिकारी और महापौर सहित एलडीए के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे थे ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके। इसके बाद से ही विशेषज्ञों की टीम ने बिल्डिंग की संरचना का बारीकी से अध्ययन किया है। एलडीए अब इस बात पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है कि अपार्टमेंट का निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप हुआ था या नहीं। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि बिल्डिंग का निर्माण नक्शे के प्रावधानों का उल्लंघन करके किया गया था। इसी वजह से प्रशासन अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। संबंधित विभाग के अधिकारी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी और ध्वस्तीकरण संबंधी कार्रवाई तय करेंगे।
अन्य भवनों का ऑडिट और सुरक्षा मानक
एसए अपार्टमेंट के असुरक्षित होने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने क्षेत्र की अन्य इमारतों की सुरक्षा जांच का दायरा बढ़ा दिया है। प्राधिकरण अब बारूदखाना इलाके के आसपास स्थित तमाम भवनों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट करा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को टाला जा सके। एलडीए की टीमें विशेष रूप से इस बात की गहन पड़ताल कर रही हैं कि क्या बिल्डिंग का नक्शा पास करने के समय जो नियम तय किए गए थे, उनका निर्माण कार्य में पूरी तरह पालन किया गया है या नहीं। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी निर्माण कार्यों में सेटबैक यानी खाली छोड़ी जाने वाली जगह के नियमों की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की जा रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर की कोई भी इमारत नियमों की अनदेखी करके न बनी हो। रिपोर्ट आने के बाद एलडीए सभी संदिग्ध इमारतों के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।